Wednesday , September 23 2020

J&K: CM के लिए BJP की चॉइस सज्जाद लोन!

श्रीनगर

बीते दिनों जम्मू-कश्मीर में अपने गठबंधन की साथी पीपल्स डेमॉक्रेटिक पार्टी से समर्थन वापस लेकर राज्य की सरकार गिरवाने वाली बीजेपी ने एक बार फिर सत्ता गठन की राहों को तलाशना शुरू कर दिया है। अब तक नैशनल कॉन्फ्रेंस और पीपल्स डेमॉक्रैटिक पार्टी की गठबंधन सत्ता को देखने वाले जम्मू-कश्मीर में इस बार बीजेपी ने सिर्फ दो सीटों पर सीमित रही पार्टी पीपल्स कॉन्फ्रेंस के साथ चुनाव में उतरने का मन बनाया है। सियासी जानकारों की मानें तो बीजेपी ने सज्जाद लोन से हुई कई मुलाकातों के बाद गठबंधन के इस फैसले पर सहमति जताई है और अब दिसंबर महीने में इसके औपचारिक ऐलान का प्लान भी बनाया जा रहा है।

दरअसल, जून महीने में महबूबा मुफ्ती की सरकार गिराने के बाद से ही बीजेपी जम्मू-कश्मीर में सत्ता गठन के रास्ते तलाशने में जुटी हुई है। इसी कोशिश में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव भी बीते कुछ महीने के भीतर कई बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। दिलचस्प बात यह की इन यात्राओं में कई बार राम माधव और सज्जाद लोन के बीच सियासी समीकरणों को लेकर लंबी चर्चा हुई है। वहीं अब, राम माधव लोन की पार्टी पीपल्स कॉन्फ्रेंस द्वारा श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू के सम्मान में प्रस्तावित ए एक भोज में भी हिस्सा लेने जा रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक जानकारों का यह मानना है कि दोनों पार्टी नेताओं के बीच इस मुलाकात में प्रादेशिक राजनीति के एक नए गठबंधन की तस्वीर पर चर्चा हो सकती है।

अगले महीने खत्म हो रही है राज्यपाल शासन की मियाद
हालांकि लोन से गठबंधन की स्थिति में भी बीजेपी फिलहाल राज्य में सरकार बनाने के लिए सक्षम नहीं दिख रही है। प्रदेश की 87 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 44 सदस्यों के समर्थन की जरूरत है। वर्तमान स्थितियों में पीडीपी के पास 28, बीजेपी के पास 25 और नैशनल कॉन्फ्रेंस के पास 15 सदस्य हैं, ऐसे में सदन में बहुमत सिद्ध करने के लिए कोई भी पार्टी पर्याप्त संख्या जुटाने की स्थिति में नहीं दिखती है। दूसरी ओर राज्य में जून से लगे राज्यपाल शासन की मियाद अगले महीने की 19 तारीख को खत्म हो रही है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि बीजेपी प्रदेश में मार्च महीने में विधानसभा चुनाव कराना चाहती है और इससे पहले ही सज्जाद लोन के साथ गठबंधन का ऐलान किया जा सकता है।

युवाओं और अनुभवी लोगों को एक साथ आने की जरूरत: लोन
इन सब स्थितियों के बीच सज्जाद लोन का कहना है कि जम्मू-कश्मीर बीते कई दशकों से राज्य की दो पार्टियों की केंद्रित सत्ता को देखता रहा है, ऐसे में वह इसके बीच बने किसी स्थान में अपना योगदान देना चाहते हैं। गठबंधन की संभावनाओं के विषय में हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान सज्जाद लोन ने कहा कि प्रदेश में अब तक सरकारी तंत्र बेहद निष्क्रिय रहा है और हम आज तक देश में सबसे कम तरक्की करने वाले राज्यों में से एक हैं। आज प्रदेश को युवा लोगों और अनुभवी राजनेताओं के एक मजबूत गठबंधन की आवश्यकता है, जो कि इसे वंशवाद की राजनीति से आजाद दिलाकर विकास के रास्ते पर आगे ले जा सके।

‘सुशासन कोई रॉकेट साइंस नहीं है’
वहीं गठबंधन के लिए सीएम पद का चेहरा बनने के सवाल पर सज्जाद लोन ने कहा, ‘मैं इस बेहद संवेदनशील राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने को तैयार हूं। यहां सुशासन कोई रॉकेट साइंस नहीं है, लेकिन लोगों को बस विश्वास दिलाना जरूरी है कि राज्य के हालात बदले जा सकते हैं।’ बता दें कि बीजेपी के प्रस्तावित सीएम फेस सज्जाद लोन घाटी के अलगाववादी नेता अब्दुल गनी लोन के बेटे हैं और वह काफी लंबे वक्त से राज्य की सियासत के एक प्रमुख चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। यही नहीं 2015 में तत्कालीन सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद की सरकार के गठन के वक्त भी लोन पीडीपी नेताओं के काफी करीबी रहे थे। हालांकि इस वक्त भी बीजेपी लोन के साथ खड़ी दिखी थी और पार्टी ने लोन को अपने कोटे से एक मंत्री पद का ऑफर भी दिया था।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

वाराणसी: जमीन के लिए खूनी संघर्ष, बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या

वाराणसी, उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
97 visitors online now
27 guests, 69 bots, 1 members
Max visitors today: 121 at 08:00 am
This month: 227 at 09-18-2020 01:27 pm
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm