RBI और सरकार के बीच टकराव खत्म! अब कई मुद्दों पर सहमति के आसार

नई दिल्ली

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार के बीच विवाद खत्म होता दिख रहा है. सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष बोर्ड मीटिंग से पहले कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है. 19 नवंबर को बोर्ड मीटिंग है. सूत्रों का कहना है कि RBI और केंद्र सरकार के बीच विवाद पूरी तरह नहीं सुलझा है, लेकिन बोर्ड मीटिंग से पहले तकरार के हालात लगभग खत्म हो गए हैं. पिछले हफ्ते ऐसी खबरें थीं कि रिजर्व बैंक के गवर्नर इस्तीफा दे सकते हैं. लेकिन अब ये मुद्दा भी लगभग सुलझा लिया गया है.

सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों में से 11 पर आरबीआई ने कर्ज देने पर कई तरह की रोक लगा रखी है. कहा जा रहा है कि इसमें कुछ ढील दी जा सकती है. हालांकि इन खबरों पर अभी तक न तो RBI और न ही वित्त मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया दी है. केंद्र सरकार से जुड़े करीबी सूत्रों की मानें तो पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के बीच मुलाकात भी हुई थी. इसके बाद ही केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच जारी विवाद को खत्म करने की कोशिशें शुरू की गईं. सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच इस विवाद को सुलझाने को लेकर एक फॉर्मूला भी तय हुआ है. सूत्रों ने बताया कि दोनों एक फॉर्मूले पर सहमत हुए हैं. इस फॉर्मूले के तहत आरबीआई से पैसे मांगने को लेकर केंद्र नरमी बरतेगा और दूसरी तरफ बैंक सरकार को कर्ज देने में थोड़ी ढिलाई बरतेगा.

माना जा रहा है कि इस फॉर्मूले के तहत आरबीआई कुछ बैंको को अपने प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) फ्रेमवर्क से बाहर करेगा जिससे वे बैंक अधिक लोन दे सकेंगे. लो कैपिटल बेस और बैड लोन समस्याओं के चलते रिजर्व बैंक ने बैंकों के लोन देने पर नियंत्रण लगाया था. 11 बैंकों पर तब तक लोन देने पर प्रतिबंध लगाया गया था जब तक वे अपने बैड लोन को कंट्रोल नहीं करते, अपने कैपिटल रेशियो नहीं बढ़ाते और फायदेमंद साबित नहीं होते.

इसपर सरकार ने दलील दी कि यह प्रतिबंध काफी कड़ा है और इसके चलते छोटे और मझोले कारोबारियों को लोन ही नहीं मिल रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार और आरबीआई इस बात पर सहमत हुए हैं कि कुछ बैंको को पीसीए राडार से बाहर किया जाएगा. इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है कि आरबीआई के इस कदम से छोटे और मझोले कारोबारियों को कोई परेशानी न हो.

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