Wednesday , October 28 2020

US: नियम कड़े पर भारतीयों को खूब नागरिकता

मुंबई

भले ही अमेरिका में बाहर से आने वाले लोगों के लिए नियम सख्त हो गए हों और वहां की नागरिकता लेना तो और मुश्किल हो गया है लेकिन भारतीयों के मामले में नरमी बरती जा रही है। यह बात पिछले साल भारतीय लोगों को मिली अमेरिकी नागरिकता से साबित होती है। वित्त वर्ष 2017 में करीब 50 हजार भारतीयों को अमेरिका की नागरिकता मिली। अमेरिकी नागरिकता पाने के मामले में वे मेक्सिकों के नागरिकों के बाद दूसरे नंबर पर हैं।

नैचरलाइजेशन क्या है?
नैचरलाइजेशन वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कानूनी औपचारिकता पूरा करने वाले विदेशी नागरिकों को अमेरिका की नागरिकता दी जाती है। नागरिकता मिलने के बाद उनलोगों को अमेरिका में वोट देने का अधिकार मिल जाता है।

जहां वित्त वर्ष 2017 में यूएस नैचरलाइजेशन पाने वाले लोगों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटी द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, भारतीयों की संख्या में 10 फीसदी वृद्धि हुई है। 50,802 भारतीयों को अमेरिकी नैचरलाइजेशन प्राप्त हुआ है। 1 अक्टूबर, 2016 से 30 सितंबर, 2017 के बीच कुल 7 लाख लोगों को अमेरिकी सरकार द्वारा नागरिकता दी गई जिनमें 7 फीसदी भारतीय थे। पहले के साल के मुकाबले 2017 के दौरान 4,600 ज्यादा भारतीयों को अमेरिका की नागरिकता मिली।

अमेरिकी नागरिकता पाने वालों में सबसे ज्यादा वृद्धि मेक्सिको के लोगों में हुई है। 2017 में अमेरिका की नागरिकता पाने वाले मेक्सिको के नागरिकों की संख्या में 14 फीसदी यानी 15,009 की बढ़ोतरी हुई है, उसके बाद 10 फीसदी यानी 4,614 के साथ भारत दूसरे नंबर पर है। 5 फीसदी बढ़ोतरी यानी 1,880 लोगों के साथ चीन तीसरे नंबर पर है।

ज्यादा से ज्यादा ग्रीन कार्ड होल्डर्स ले रहे नागरिकता
अमेरिका में प्रवासियों के लिए नियम सख्त होने के बाद ग्रीन कार्ड होल्डर्स के बीच नागरिकता लेने के रुझान में बढ़ोतरी हुई है। सिर्फ ग्रीन कार्ड होल्डर्स ही नैचरलाइजेशन प्रोसेस के लिए आवेदन कर सकते हैं। ग्रीन कार्ड मिलने के बाद अमेरिका में रहने और लंबे समय तक काम करने की अनुमति मिल जाती है। इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब ज्यादा से ज्यादा ग्रीन कार्ड होल्डर्स अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसका कारण अमेरिका में वीजा पॉलिसी का सख्त होना और नौकरियों में अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता देना है।

नियमों में सख्ती
अब नागरिकता देने के मामले में काफी सख्ती बरती जा रही है। नैशनल पार्टनरशिप फॉर न्यू अमेरिकंस (एनपीएनए) संगठन के मुताबिक, नागरिकता के लंबित आवेदनों की संख्या आसमान छू रही है। करीब 7.53 लाख लंबित आवेदन हैं यानी 2015 के मुकाबले लंबित आवेदनों की संख्या में 93 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। एनपीएनए और कुछ अन्य संगठनों ने अमेरिकी नागरिकता देने वाले विभाग यूएस सिटिजनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के खिलाफ मुकदमा किया है। एनपीएनए के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर ने कहा, ‘हम यूएससीआईएस के खिलाफ मुकदमा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने एक ‘दूसरी दीवार’ खड़ी कर दी है जिससे प्रवासियों को कानूनी तौर पर नागरिकता हासिल करने और वोटिंग का अधिकार पाने से रोका जा रहा है। भले ही यह प्रवासियों के खिलाफ भेदभाव या जानबूझकर कुप्रबंधन का मामलो हो, इसे रुकना चाहिए।’

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

वोट देने वालों से सोनू की अपील- बटन उंगली से नहीं दिमाग से दबाना

देश के दूसरे सबसे बड़े राज्य बिहार में चुनाव का शंखनाद हो चुका है. पहले …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!