पहली कैबिनेट में बनी थी SIT, काले धन पर कितने कारगर रहे कड़े कानून?

नई दिल्ली,

मोदी कैबिनेट ने गुरुवार को अध्यादेश जारी कर 13 प्वाइंट रोस्टर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए विश्वविद्यालयों में नियुक्ति पर 200 प्वाइंट रोस्टर बहाल कर दिया. आम चुनावों के मुहाने पर खड़ी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भारी विरोध के बाद अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया. गौर कीजिए कि केंद्र सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर काले धन की जांच के लिए SIT का गठन किया था. लिहाजा इस बात का विश्लेषण जरूरी है कि पहली कैबिनेट में SIT बनने के बाद काले धन पर कितना अंकुश लग पाया?

दिलचस्प बात यह है कि केंद्र की मोदी सरकार की पहली कैबिनेट सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन से शुरू हुई जबकि आखिरी कैबिनेट में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को पलटा गया. आर्थिक मामलों के जानकार प्रोफेसर अरुण कुमार का मानना है कि काले धन की अर्थव्यवस्था को खत्म करने के लिए सरकार ने बहुत सारे प्रयत्न किए. इनमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT गठन से लेकर, ब्लैक मनी बिल, बेनामी संपत्ति बिल, बैंकरप्सी कोड, इनकम डिक्लेरेशन स्कीम-2016 प्रमुख थे. हालांकि जब इन कानूनों का कोई फायदा मिलता नहीं दिखा तो सरकार ने नवंबर 2016 में नोटबंदी का फैसला लिया.

प्रो. अरुण कुमार का मानना है कि नोटबंदी का नतीजा यह हुआ कि बाजार से सारा कैश बैंक में वापस आ गया. नोटबंदी से कैश की कमी तो आई लेकिन इससे सरकार यह पता नहीं लगा पाई कि देश के अंदर कितना काला धन मौजूद है. माना जाता है कि काले धन का मात्र 1 फीसदी कैश में है. इसके बाद सरकार ने कहा कि जिन लोगों ने क्षमता से ज्यादा कैश जमा कराया है, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है. इसी क्रम में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 18 लाख लोगों को नोटिस भी भेजे. लेकिन अभी हाल ही में खबर आई कि सरकार इसमें से मात्र 90 हजार लोगों की तहकीकात करेगी.

केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने से पहले विदेशी बैंकों में काले धन को लेकर तमाम तरह के आंकड़ों का दावा किया गया. प्रो. अरुण कुमार कहते हैं कि विदेश में काला धन 6 लेयर में जाता है और दुनिया में कुल 90 टैक्स हेवन हैं. इस बीच पनामा पेपर्स, पैराडाइज पेपर्स, ब्रिटिश वर्जीनिया पेपर्स, एचएसबीसी लीक जैसे मामले सामने आए. स्विस बैंक ने भी जो खुलासा किया वो बहुत कम था. इन खुलासों में कुछ हजार लोगों के नाम सामने आए. जबकि इनकी संख्या लाखों में है. जिनका सरकार पता नहीं लगा पाई. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि काला धन एक टैक्स हेवन से दूसरे टैक्स हेवन में घूमता रहा और कुछ देश में निवेश के जरिए वापस भी आ गया.

प्रोफेसर अरुण कुमार बताते हैं कि बड़े-बड़े घोटालों का पता 4-5 साल बाद चलता है. जैसे यूपीए-1 में हुए 2जी, कोयला घोटाला का पता यूपीए-2 के समय चला. इसलिए मौजूदा सरकार में घोटाले हुए या नहीं इसका पता भी हमें 4-5 साल बाद ही चलेगा. अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इस सरकार में घोटाला नहीं हुआ. डी-मैट और व्यापम जैसे बड़े मामले हमारे सामने हैं. लिहाजा अरुण कुमार का मानना है SIT गठन से लेकर आज तक काले धन पर अंकुश लगाने पर कुछ विशेष कामयाबी मिलती नहीं दिखी. लोग नए नियमों की जटिलता का फायदा उठाते हुए अपना रास्ता निकालते रहे.

काली कमाई की जटिलता का उदाहरण देते हुए प्रो. अरुण कुमार ने बताया कि मान लीजिए किसी व्यापारी के कई सारे पेट्रोल पंप हैं, जिनका 1 दिन का टर्नओवर 1 करोड़ है. और वो 25 दिन में बैंक में 25 करोड़ रुपये जमा कराता है. तो इसमें यह पता लगा पाना मुश्किल है कि कहीं इन 25 करोड़ में कुछ राशि किसी और का काला धन तो नहीं. इसी तरह अगर कोई डॉक्टर दिन भर में 50 मरीज देखता है और घोषित सिर्फ 20 मरीज करता है तो 30 मरीजों से आने वाला पैसा काला धन हुआ लेकिन इसे साबित करना मुश्किल होगा.

वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी लागू करते समय सरकार ने दावा किया था कि इससे काले धन पर अंकुश लगेगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं लोगों ने फर्जी कंपनियां बनाकर ई-वे बिल के जरिए काली कमाई की. एजेंडा आजतक के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री और जीएसटी परिषद के सदस्य अमित मित्रा ने बताया था कि उनका अध्ययन बताता है कि जीएसटीआर-3बी में इनवॉयस नहीं होने से जीएसटी की स्वचालित डिजिटीकृत प्रकिया पूरी तरह से हस्तचालित काम हो गया, जिसके जरिए हावाला कारोबार हो रहा है, क्योंकि आप इसमें इनवॉयस नहीं लगाते हैं और इसकी जांच का कोई तरीका नहीं है.

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

UN में PM मोदी ने बुलंद की आवाज- आखिर कब तक इंतजार करे भारत

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
72 visitors online now
9 guests, 63 bots, 0 members
Max visitors today: 192 at 02:27 am
This month: 227 at 09-18-2020 01:27 pm
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm