Wednesday , September 30 2020

पाकः हाफिज छोड़ सारे आतंकी हुए अंडरग्राउंड

इस्लामाबाद

पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) को बैन कर दिए जाने के बाद मुंबई अटैक के सरगना हाफिज सईद को छोड़कर इन दोनों संगठनों के लगभग सभी नेता अंडरग्राउंड हो गए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने हाफिज के जेयूडी और इसकी इकाई एफआईएफ को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है और इसके 100 से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) चीफ मसूद अजहर का बेटा और भाई भी शामिल है।

उल्लेखनीय है कि कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर किए गए हमले के बाद से पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। भारत पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने वाले जेईएम चीफ मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कराने का प्रयास कर रहा है। इसी सप्ताह फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश प्रस्ताव पर चीन ने वीटो का इस्तेमाल कर रोक लगा दी थी। हालांकि, चीन ने संकेत दिए हैं कि मामले को सुलझा लिया जाएगा।

हालिया घटनाक्रम में पाकिस्तान ने जेईएम, जेयूडी और एफआईएफ की संपत्तियों पर भी अपना नियंत्रण कर लिया है। इन संपत्तियों में मस्जिद और मदरसा भी शामिल है। सरकार का कहना है कि इसने नैशनल ऐक्शन प्लान के तहत कार्रवाई की है और फाइनैशल ऐक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के प्रति अपनी दायित्व को पूरा किया है। एक आधिकारी सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘मुंबई अटैक के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को छोड़कर जेयूडी और एफआईएफ के सभी मुख्य नेता अंडरग्राउंड हो गए हैं और वे स्थितियां सामान्य होने के बाद बाहर आएंगे।’

सूत्र ने बताया कि हाफिज लाहौर स्थित अपने आवास पर कड़ी सुरक्षा के बीच लो प्रोफाइल रह रहा है। जेयूडी की मीडिया टीम भी अंडरग्राउंड है, और कोई बयान जारी नहीं कर रही। जब पीटीआई ने जेयूडी की मीडिया टीम से यह जानने की कोशिश की कि क्या उसके नेता अंडरग्राउंड हैं तो उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

दो दशकों में पहली बार हाफिज को लाहौर स्थित जेयूडी मुख्यालय में साप्ताहिक उपदेश नहीं पढ़ने दिया गया। अधिकारी ने बताया, ‘पाक सरकार ने अभी हाफिज और मसूद के प्रोटेक्टिव कस्टडी पर कोई फैसला नहीं लिया है।’ सरकार ने हालांकि कुछ प्रतिबंधित संगठनों को हाई रिस्क की सूची में डाल दिया है और उनपर हर प्रकार से नजर रखी जा रही है। वित्तीय अपराध के खिलाफ काम करने वाले पैरिस स्थित ग्लोबल वॉचडॉग एफएटीएफ ने इस्लामाबाद द्वारा इन आतंकी संगठनों को कम से मध्यम रिस्क की सूची में डालने पर असंतोष जताया था।

पाक सरकार के मुताबिक, सभी संगठनों को अब हाई रिस्क की सूची में डाला गया है और सभी एजेंसियों तथा संस्थाओं द्वारा उनकी कड़ी जांच की जाएगी चाहे वह उनका पंजीकरण हो या ऑपरेशन, फंड कलेक्शन हो या बैंक अकाउंट, संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो या सूचना का आदान-प्रदान। सारे फैसले एफएटीएफ की बाध्यताओं के तहत लिए जा रहे हैं।

बता दें कि पाकिस्तानी अखबार डॉन ने हाल में कहा था कि सिर्फ इन संगठनों को प्रतिबंधितों की सूची में डालने की घोषणा से कुछ नहीं होगा। अगर इन संगठनों के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के सबूत सरकार के पास हैं इसे तथ्य पेश करना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए ताकि जेयूडी के नेतृत्व को कानून के कटघरे में लाया जा सके।

डॉन ने कहा, ‘करीब दो दशकों से देखा जा रहा है सरकार इन संगठनों पर बैन लगाती है, लेकिन कुछ समय के बाद ये नए नाम के साथ वापस आ जाते हैं और उनका हिंसा का स्ट्रक्चर जस-का-तस बरकरार रहता है।’

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

हाथरस: ‘मां चिंता न करना, तुरंत लौटूंगी’ अस्पताल के बिस्तर से भी खैरियत पूछती रही बेटी

हाथरस/नई दिल्ली, जवान बेटी की मौत से हाथरस का वाल्मीकि परिवार टूट गया है, बिखर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
82 visitors online now
7 guests, 75 bots, 0 members
Max visitors today: 180 at 03:40 am
This month: 233 at 09-28-2020 11:52 am
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm