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शिवराज के 2 मंत्रियों की कुर्सी पर है खतरा, दोनों ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी

भोपाल

एमपी में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। उससे पहले ही शिवराज के 2 मंत्रियों की कुर्सी पर खतरा है। ये दोनों मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी हैं। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को उपचुनाव से पहले मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। इस उपचुनाव में कुल 14 मंत्री मैदान में हैं। इनमें से कोई भी अभी विधायक नहीं हैं।

दरअसल, कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सीएम पद की शपथ ली थी। 21 अप्रैल को उन्होंने पहली बार कैबिनेट का विस्तार किया था। इसमें 5 मंत्रियों ने शपथ ली थी। 5 में 2 ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत थे। दोनों अभी विधायक नहीं हैं। नियम के अनुसार बिना विधायक बने कोई भी व्यक्ति 6 महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है। 6 माह के अंदर उसे विधानसभा की सदस्यता लेनी होती है।

21 अक्टूबर को समय सीमा समाप्त
वहीं, इस हिसाब से 21 अक्टूबर को दोनों मंत्रियों की समयसीमा समाप्त हो रही है। इस समयसीमा तक एमपी में उपचुनाव की प्रकिया पूरी नहीं होगी। ऐसे में दोनों को इस्तीफा देना पड़ सकता है। क्योंकि एमपी में उपचुनाव के लिए वोटिंग 3 नवंबर को है। 10 नवंबर को मतगणना होगी। सांवेर से तुलसी सिलावट और सुरखी से गोविंद सिंह राजपूत चुनाव लड़ रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि अगर कोई भी व्यक्ति 6 महीने के अंदर विधानसभा की सदस्या नहीं लेता है, तो वह स्वमेव मंत्री पद पर नहीं रहता है। वहीं, चुनाव को लेकर प्रदेश में आचार संहिता भी लागू है। ऐसे में फिर से मंत्रिमंडल का विस्तार भी नहीं हो सकता है।कोरोना की वजह से यह पहली बार हो रहा है कि एमपी विधानसभा की सीट 6 महीने से अधिक वक्त तक रिक्त रही है। वहीं, कांग्रेस ने मांग की है कि अब मंत्रियों के सभी अधिकार छिन लिए जाएं।

सुरखी और सांवेर पर है जोर
दरअसल, तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी है। सबसे पहले सिंधिया ने कैबिनेट विस्तार में इन्हीं 2 नेताओं को जगह दिलाई थी। वहीं, कांग्रेस भी इन 3 सीटों पर पूरा जोर लगा रही है। दोनों ही सीटों पर कांग्रेस ने मजबूत उम्मीदवार दिए हैं। सांवेर से कांग्रेस ने प्रेमचंद गुड्डू को उम्मीदवार बनाया है। गुड्डू वहां से पूर्व में विधायक रह चुके हैं। इसके साथ ही सुरखी से कांग्रेस ने पारुल साहू को मैदान में उतारा है। पारुल भी सुरखी से विधायक रह चुकी हैं।

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