Tuesday , October 20 2020

कोरोना: रूस को अपनी वैक्सीन पर नहीं भरोसा! लोगों को नहीं दे रहा टीका

11 अगस्त को रूस ने पूरी दुनिया के सामने डंके की चोट पर कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन बना लेने का दावा किया था. कई देशों ने बिना ट्रायल पूरा किए लॉन्च इस वैक्सीन की सुरक्षा पर सवाल भी उठाए थे, लेकिन रूस ने सभी आशंकाओं को खारिज कर दिया था. हालांकि ऐसा लगता है कि अब रूस को भी एहसास हो गया है कि उसने जल्दबाजी में वैक्सीन लॉन्च कर दी है.

पर्याप्त डोज उपलब्ध नहीं
इस वैक्सीन को लेकर रूस की तरफ से दावा किया गया था कि ये लोगों में एंटीबॉडीज बनाने में सफल रही है और इसे जल्द ही आम लोगों को दिया जाएगा. लेकिन इतने दिन गुजर जाने के बाद भी यहां वैक्सीनेशन की प्रक्रिया बहुत धीमी है और पर्याप्त मात्रा में इसकी डोज भी नहीं तैयार की जा रही है.

सीमित उत्पादन पर सवाल
यहां के स्वास्थ्य अधिकारियों और हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि क्लिनिकल ट्रायल के अलावा अभी बड़ी आबादी को ये वैक्सीन नहीं दी गई है. हालांकि ये अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस धीमे टीकाकरण अभियान की वजह वैक्सीन का सीमित उत्पादन है या फिर अप्रमाणित वैक्सीन को बड़ी आबादी पर देने से पहले एक बार फिर विचार किया जा रहा है.

छोटे शिपमेंट की डिलीवरी
वैक्सीन को फाइनेंस करने वाली एक कंपनी का कहना है कि उसने हाल ही में क्रीमिया पेनिनसुला क्षेत्र के लिए वैक्सीन भेजी है. दो लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र के लिए 21 लोगों के लिए ही वैक्सीन की डिलीवरी की गई है. रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने पिछले हफ्ते कहा था कि कुछ प्रांतों में वैक्सीन के छोटे शिपमेंट भेजे गए हैं.

जल्द भेजी जाएगी सैंपल वैक्सीन
मुराश्को ने ना तो डोज की सही जानकारी दी और ना ही ये बताया कि ये आम लोगों के लिए कब तक उपलब्ध होंगे. हालांकि उन्होंने कहा कि सेंट पीटर्सबर्ग के आसपास के क्षेत्रों में सबसे पहले सैंपल वैक्सीन भेजी जाएगी. टेस्टिंग से पहले वैक्सीन लॉन्चिंग पर सवाल उठाने वाले रूसी एसोसिएशन फॉर एविडेंस बेस्ड मेडिसिन के उपाध्यक्ष डॉक्टर वसीली वेलासोव ने कहा, ‘दुर्भाग्य की बात है कि हमारे पास इस वैक्सीन से जुड़ी बहुत कम जानकारी है.’

सीमित इस्तेमाल राहत की खबर
वहीं फार्मास्यूटिकल ट्रेड ग्रुप की डायरेक्टर स्वेतलाना जेविदोवा ने कहा कि इस वैक्सीन का सीमित इस्तेमाल एक अच्छी खबर है. जेविदोवा ने भी जल्दबाजी में इस वैक्सीन को लॉन्च करने पर सवाल उठाए थे. जेविदोवा ने कहा, ‘ये सीमित उत्पादन कि वजह से है या फिर ये सरकार का निर्णय है? जो भी हो लेकिन मेरे हिसाब से इस वैक्सीन को फिलहाल क्लिनिकल ट्रायल तक रखना ही बेहतर होगा.’

वैक्सीन में देरी पर सवाल
11 अगस्त को मिखाइल मुराश्को ने कहा था कि डॉक्टर और टीचर जैसे लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए सबसे पहले इन लोगों को वैक्सीन दी जाएगी और अगस्त तक इसकी पर्याप्त खुराक उपलब्ध होगी. वहीं अब वैक्सीन की देरी पर मुराश्को का कहना है कि डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की जांच करने और चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षित करने की वजह से वैक्सीन आने में देरी हो रही है.

तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल जारी
आपको बता दें कि रूस की इस वैक्सीन के तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल अभी मॉस्को में जारी है जहां 30,000 लोगों को वैक्सीन दी जाएगी, जबकि 10,000 लोगों को प्लेसबो दिया जाएगा. वहीं मॉस्को स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता येवगेनिया जुबोवा ने एक इंटरव्यू में कहा कि ये वैक्सीन अभी केवल वॉलंटियर्स के लिए उपलब्ध है.

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

फिजी में चीन की दादागीरी, ताइवान के राजदूत हुए जख्मी, चरम पर तनाव

ताइवान और चीन के राजदूत के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच …

Do NOT follow this link or you will be banned from the site!