देश में आई कोरोना की नई स्ट्रेन, जरूरी है चेन को तोड़ना

जबसे कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है हम आपको इससे जुड़ी हर ताजा जानकारी के साथ अपडेट करते रहे हैं। मार्च-अप्रैल के महीने में हमने आपको जानकारी दी थी कि कोरोना वायरस में लगातार म्यूटेशन हो रहा है और इस वायरस की दुनियाभर में करीब 8 स्ट्रेन्स मौजूद हैं। अगर इन 8 स्ट्रेन्स में कोई कोई बढ़ोतरी हुई है या कमी आई है। लेकिन इतना जरूर है कि अब हमारे देश में इस वायरस की एक और स्ट्रेन ऐंट्री कर गई है।

क्या अलग है इस स्ट्रेन में?
कोरोना की एक और स्ट्रेन भारत के एक उस व्यवसायी के जरिए देश में आई है, जो पिछले दिनों मलेशिया से लौटे हैं। इनके अतिरिक्त दो अन्य लोगों में भी यह स्ट्रेन पाया गया है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में इस समय कोरोना की जिस स्ट्रेन का संक्रमण फैला हुआ है और जो स्ट्रेन मलेशिया से लौटे व्यवसाई में पाई गई है, इन दोनों में बहुत अधिक अंतर है।

कोरोना संक्रमण पर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों और कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स का कहना है कि मलेशिया से लौट व्यवसाई में जो कोरोना स्ट्रेन पाई गई है, वह अब तक भारत में फैले कोरोना संक्रमण से करीब 10 गुना अधिक घातक है।

कोरोना में सबसे अधिक बदलाव
कोरोना वायरस में लगातार म्यूटेशन (बदलाव) के बाद इसकी सबसे अधिक प्रजातियां अमेरिका और यूरोप में पाई गई हैं। इनकी तुलना में एशिया और अफ्रीका में कोरोना के कम रूप देखने को मिले हैं। भारत में मिली कोरोना की नई स्ट्रेन को वैज्ञानिकों ने ‘डी 614 जी’ नाम दिया है।

आपको बता दें पूरी दुनिया में मलेशिया की इस बात के लिए तारीफ की गई है कि उसने अपने यहां कोरोना संक्रमण को रोकने पर बहुत तेजी से और सही दिशा में काम किया है। यही वजह है कि वहां जुलाई के अंतिम सप्ताह से अगस्त की 16 तारीख तक पूरे देश में कुछ 26 नए कोरोना के मरीज देखने को मिले हैं। जबकि दुनिया के बड़े देशों में यह आंकड़ा 1 हजार से 60 हजार के बीच है।

कोरोना की बन चुकी हैं 8 स्ट्रेन्स
भौगोलिक क्षेत्र, जलवायु आदि में परिवर्तन के साथ ही कोरोना वायरस में भी लगातार म्यूटेशन (बदलाव) होते रहे। अभी तक इसकी 8 स्ट्रेन्स के बारे में ही पुख्ता जानकारी है। किसी भी ऑर्गेनिज़म में म्यूटेशन होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसे कोई भी ऑर्गेनिज़म खुद ना तो शुरू कर सकता है और ना ही रोक सकता है।

अपने नए रूप में भी डरा रहा है कोरोना
यदि वायरस में होनेवाले ये बदलाव उसकी लाइफ के लिए सकारात्मक होते हैं तो उस वायरस की वह स्ट्रेन जीवित रहती है और आगे बढ़ती रहती है। यानी अधिक से अधिक संक्रमण फैलाती है। जबकि अगर म्यूटेशन के बाद बनी स्ट्रेन माहौल के हिसाब से सर्वाइव ना कर पाए तो वह कुछ ही समय में खत्म हो जाती है।

कैसे कर सकते हैं कंट्रोल?
जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मलेशिया से आई यह कोरोना स्ट्रेन भारत में फैली पुरानी कोरोना स्ट्रेन के मुकाबले थोड़ी-बहुत नहीं बल्कि 10 गुना घातक बताई जा रही है। इस स्थिति में हेल्थ एक्सपर्ट्स इस स्ट्रेन की चेन तोड़ने पर जोर दे रहे हैं। यानी उनका पहला फोकस इस बात पर है कि यह संक्रमण अन्य लोगों में ना फैले।

साथ ही जो लोग विदेश से आ रहे हैं, वे अपना पूरा हेल्थ चेकअप कराएं। स्वदेश लौटने के बाद होम आइसोलेशन से जुड़े 14 दिन के नियमों का सख्ती से पालन करें। क्योंकि यह सिर्फ आपकी सेहत के लिए ही नहीं बल्कि आपके परिवार और प्रियजनों की सेहत के लिए भी बहुत जरूरी है।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

कोरोना पर गुड न्यूज! रिकवरी रेट 80 प्रतिशत, अमेरिका को पीछे छोड़ टॉप पर भारत

नई दिल्ली भारत में तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि …

158 visitors online now
5 guests, 153 bots, 0 members
Max visitors today: 168 at 07:03 am
This month: 227 at 09-18-2020 01:27 pm
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm