Tuesday , October 20 2020

राज्‍यसभा निलंबन: चाय लेकर पहुंचे उपसभापति हरिवंश, धरने पर बैठे सांसदों ने नहीं पी

नई दिल्ली,

राज्‍यसभा से निलंबित आठों सांसद रातभर गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे रहे। उन्‍हें सभापति वेंकैया नायडू ने रविवार को सदन में हंगामा करने और उपसभापति से बदसलूकी के लिए सस्‍पेंड किया था। सोमवार दोपहर से धरना दे रहे सांसदों से मिलने मंगलवार सुबह खुद डिप्‍टी चेयरमैन हरिवंश पहुंच गए। वह अपने साथ एक झोला लाए थे जिसमें सांसदों के लिए चाय थी। हरिवंश ने अपने हाथों से चाय निकाली। हालांकि विपक्षी सांसदों ने चाय पीने से इनकार कर दिया।उन्‍होंने उन सांसदों से बेहद गर्मजोशी से बात की, जिनमें से कुछ का व्‍यवहार रविवार को उनके प्रति ठीक नहीं था।

गौरतलब है कि रविवार को राज्यसभा में जब किसानों से जुड़ा बिल पेश किया जा रहा था, तब चेयर पर डिप्टी चेयरमैन हरिवंश बैठे थे. इस दौरान ही सांसदों ने हंगामा किया और रुल बुक को कथित तौर पर फाड़ दिया. इसके साथ ही माइक को तोड़ दिया. इसके बाद राज्यसभा टीवी को म्यूज कर दिया गया और ध्वनि मत से किसानों से जुड़े बिल को पास कर दिया था.

रविवार को हुए हंगामे पर राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सख्त एक्शन लेते हुए डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजीव साटव, केके रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन और ए करीम को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया. इसके बाद सभी निलंबित सांसद संसद परिसर में धरने पर बैठ गए हैं. धरना प्रदर्शन पूरी रात चला और सांसद, संसद परिसर में डटे हुए हैं.

निलंबित सांसदों से मिलने आज सुबह उपसभापति हरिवंश पहुंचे. इस दौरान संजय सिंह ने ट्वीट करके कहा कि उपसभापति जी सुबह धरना स्थल पर मिलने आये हमने उनसे भी कहा कि नियम क़ानून संविधान को ताक़ पर रखकर किसान विरोधी काला क़ानून बिना वोटिंग के पास किया गया जबकि BJP अल्पमत में थी और आप भी इसके लिये जिम्मेदार हैं.चाय लेकर पहुंचे उपसभापति हरिवंश से सांसद संजय सिंह ने कहा कि ये व्यक्तिगत रिश्ते निभाने का सवाल नहीं है. यहां हम किसानों के लिए बैठे हुए हैं. किसानों के साथ धोखा हुआ है. यह पूरे देश ने देखा है.

सांसदों के हंगामे पर क्या बोले गुलाम नबी आजाद
कांग्रेस सांसद गुलाब नबी आजाद ने कहा कि पिछले दो दिन में जो कुछ भी हुआ, मुझे नहीं लगता कि उससे कोई खुश है. गुलाम नबी ने कहा कि ये हमारा परिवार है और सभापति जी आप इस परिवार के मुखिया है. घर में भी झगड़े होते हैं. टाइम की कमी ही सौतन बन गई है. इसी कारण ये घटना हो गई. इतने बड़े विषय होते हैं, समय कम होता है बोलने का. कई बार तो ऐसे झगड़े होते हैं जैसे लगता ही कि सीमा पर लड़ रहे हैं. गुलाम नबी ने कहा कि सांसद कम समय के कारण अपनी बात नहीं रखने के कारण नाराज रहते हैं. ये झगड़ा नहीं होना चाहिए था. कोई माइक तोड़े, मेज पर चढ़े, ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए. सरकार की मजबूरी हम समझ सकते हैं. परसों 18 पार्टियां एक तरफ थीं और एक पार्टी एक तरफ थी. सारा झगड़ा इसी पर हो गया. समय ही हमारी लड़ाई का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया. सरकार और विपक्ष के बीच तालमेल होना चाहिए, लेकिन सरकार और आसन के बीच तालमेल होना जरूरी नहीं है.

सांसदों का निलंबन रद्द किया जाए: रामगोपाल याादव
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने हंगामे पर कहा कि सरकार ने संयम से काम लिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोगों से गलती हुई है और जो बड़े होते हैं, उनका दिल बड़ा होना चाहिए. उन्हें माफ करना चाहिए. उनका निलंबन रद्द किया जाए. मैं सभी सांसदों की तरफ से माफी मांगता हूं.

सभापति ने हंगामे पर जताई नाराजगी
सभापति वेंकैया नायडू ने सांसदों के हंगामे से नाराजगी जताते हुए कहा कि आप लोग आज का अखबार उठाकर देखिए. उन सासंदों ने मीडिया से बातचीत में न सिर्फ अपनी हरकत को जस्टिफाई किया है बल्कि कहा कि इसमें गलत क्या था. सभापति ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर डिविजन मांगना आपका अधिकार है लेकिन वेल में आने के बजाय आप सीट से भी ये काम कर सकते हैं. अगर आपको लगता है कि उपसभापति ने आपकी पूरी बात नहीं सुनी तो आप मेरे पास भी आ सकते हैं, लेकिन इस तरह की हरकत शोभा नहीं देती.

आप सांसद ने क्या कहा
आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट करके कहा कि उपसभापति जी सुबह धरना स्थल पर मिलने आये हमने उनसे भी कहा कि नियम क़ानून संविधान को ताक़ पर रखकर किसान विरोधी काला क़ानून बिना वोटिंग के पास किया गया जबकि BJP अल्पमत में थी और आप भी इसके लिये जिम्मेदार हैं.चाय लेकर पहुंचे उपसभापति हरिवंश से सांसद संजय सिंह ने कहा कि ये व्यक्तिगत रिश्ते निभाने का सवाल नहीं है. यहां हम किसानों के लिए बैठे हुए हैं. किसानों के साथ धोखा हुआ है. यह पूरे देश ने देखा है.

जारी रहेगा धरना- कांग्रेस सांसद
कांग्रेस के सांसद रिपुन बोरा ने कहा कि उपसभापति हरिवंश हम सभी सांसदों से मिलने आए. वह बतौर एक साथी के तौर पर मुलाकात करने आए. वह हम लोगों के लिए चाय लेकर आए. रिपुन बोरा ने कहा कि निलंबन के विरोध में हम लोग धरने पर बैठे हैं. हम रातभर यहीं पर थे. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई भी हमसे मिलने नहीं आया. विपक्ष के कई सांसदों ने हम लोगों से मुलाकात की. हम लोगों का धरना जारी रहेगा.

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