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मंत्री ने आदिवासी संगठन को बताया ‘देशद्रोही’, धरने पर बैठे कमलनाथ, तो मांगी माफी

भोपाल

एमपी उपचुनाव में बीजेपी वोटरों को लुभाने की कोशिश में लगी है। इस बीच मंत्री ऊषा ठाकुर ने विवादित बयान से शिवराज सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऊषा ठाकुर ने आदिवासी संगठन जयस को देशद्रोही और नक्सली करार दे दिया था। उसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई। पूर्व सीएम कमलनाथ इसे लेकर विधानसभा परिसर में धरना पर बैठ गए। उसके बाद मंत्री ने अपने बयान के लिए माफी मांगी है।

एमपी कांग्रेस ने आदिवासियों के खिलाफ कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के लिए प्रदेश की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर को बर्खास्त करने की मांग की है। कांग्रेस के कुछ विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में अपनी इस मांग को लेकर सोमवार को विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की मंत्री ऊषा ठाकुर ने एक आदिवासी सेवक संस्था को देशद्रोही और नक्सली कहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सोच उजागर हो रही है। जुबान फिसल जाती है और सच सामने आ जाता है। इसका हम विरोध करते हैं। मैंने सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी बात की है। इस विषय में हम सख्त कार्रवाई चाहते हैं और मंत्री ऊषा ठाकुर को बर्खास्त करने की मांग की है।

दरअसल, महू में शनिवार को एक कार्यक्रम मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा था कि इतने सारे राष्ट्रभक्त वनवासी होने के बावजूद जयस जैसे देशद्रोही संगठन इस क्षेत्र में कैसे पनप रहे हैं? हमें टंट्या भील (भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के आदिवासी शहीद) के जीवन से प्रेरणा लेते हुए प्रण करना होगा कि कोई भी देशद्रोही संगठन इस क्षेत्र में पनप नहीं पाए और हम सब मिलकर ऐसे हर संगठन को जड़-मूल से उखाड़ फेंकेंगे।

संस्कृति मंत्री के इस बयान पर जयस के साथ ही कांग्रेस के नेता राज्य भर में तीखा विरोध जता रहे हैं और उनका आरोप है कि इस कथन से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। राजधानी भोपाल स्थित विधानसभा में सोमवार को एक दिन के विशेष सत्र के दौरान इस विवादास्पद बयान को लेकर कांग्रेस के विपक्षी सदस्यों ने हंगामा भी किया।

माहौल खराब कर रहे हैं कुछ लोग
हंगामे पर ऊषा ठाकुर ने कहा कि हम महू क्षेत्र में जनजाति समुदाय के समग्र विकास के लिए प्राण-पण से जुटे हैं। लेकिन मैंने देखा कि वहां कुछ लोग ऐसे हैं, जो इस समुदाय को बरगलाकर धर्मांतरण के लिये उकसाते हैं और उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा से हटाने का प्रयास करते हैं। बीजेपी नेता ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि ये लोग देश की अगली जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग धार्मिक कोड की मांग को लेकर भी महू क्षेत्र में माहौल खराब कर रहे हैं।

मांगी माफी
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कुछ लोग जिन संगठनों में हैं, उनके लिए मैंने यह बात कही थी। फिर भी मेरे शब्दों से अगर किसी व्यक्ति को कष्ट पहुंचा है, तो मैं क्षमा चाहती हूं। गौरतलब है कि जयस ने सूबे के पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ सियासी गठजोड़ किया था। संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक हीरालाल अलावा आदिवासी बहुल धार जिले के मनावर क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे।

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