Wednesday , October 28 2020

कृषि बिल पर किया था बवाल, राज्‍यसभा चेयरमैन ने 8 सांसदों को किया सस्‍पेंड

नई दिल्‍ली

कृषि बिलों पर चर्चा के दौरान रविवार को राज्‍यसभा में जो कुछ भी हुआ, सभापति एम. वेंकैया नायडू उससे खासे नाराज दिखे। सरकार ने आठ विपक्षी सदस्यों को मौजूदा सत्र के बाकी समय के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। जिसे सदन ने ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया। सस्‍पेंड किए सांसदों में कांग्रेस के तीन, तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई (एम) के दो-दो और आम आदमी पार्टी का एक सदस्‍य शामिल है। नायडू ने यह भी साफ किया कि डिप्‍टी चेयरमैन के खिलाफ विपक्षी सांसदों की तरफ से लाया गया अविश्‍वास प्रस्‍ताव नियमों के हिसाब से सही नहीं है। सभापति की इस कार्रवाई के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा। इसके बाद राज्‍यसभा को सुबह 10 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया।

सांसदों से बोले नायडू, थोड़ा आत्‍मनिरीक्षण कीजिए
राज्‍यसभा चेयरमैन ने सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कहा कि ‘कल का दिन राज्‍यसभा के लिए बहुत बुरा दिन था जब कुछ सदस्‍य सदन के वेल तक आ गए। डिप्‍टी चेयरमैन के साथ धक्‍कामुक्‍की की गई। उन्‍हें अपना काम करने से रोका गया। यह बेहद दुर्भाग्‍यपूर्ण और निंदनीय है। मैं सांसदों को सुझाव देता हूं, कृपया थोड़ा आत्‍मनिरीक्षण कीजिए।’

इन्‍हें किया गया सस्‍पेंड
डेरेक ओ’ब्रायन (तृणमूल कांग्रेस)
संजय सिंह (आम आदमी पार्टी)
राजू साटव (कांग्रेस)
केके रागेश (सीपीआई-एम)
रिपुण बोरा (कांग्रेस)
डोला सेन (तृणमूल कांग्रेस)
सैयद नासिर हुसैन (कांग्रेस)
एलमाराम करीम (सीपीआई-एम)

रविवार को हुआ था जमकर हंगामा
राज्यसभा में रविवार को भारी हंगामा हुआ था। जब सरकार ने कृषि विधेयकों को पारित कराना चाहा, तो कई विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की। फिर चेयर के पास पहुंचकर दस्‍तावेज फाड़ दिए। उपसभापति हरिवंश इन सांसदों को कोरोना वायरस की याद दिलाते रहे मगर उन्‍होंने एक न सुनी। हंगामा इतना बढ़ गया कि मार्शल को हस्‍तक्षेप करना पड़ा। बाद में सदन की कार्यवाही को स्‍थगित करना पड़ गया।

सत्‍तापक्ष ने की थी कड़ी निंदा
केंद्रीय मंत्रियों की एक पूरी टीम इस मामले में मीडिया के सामने आई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिना किसी का नाम लिए कहा, “जहां तक मैं जानता हूं, ऐसा राज्यसभा और लोकसभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ। राज्यसभा में होने वाली यह बहुत बड़ी घटना है। जो हुआ वह सदन की गरिमा के खिलाफ था।” केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष के व्यवहार को हिसक बताया। उन्होंने कहा कि सभापित के बार-बार कहने पर भी वे अपने सीट पर वापस नहीं गए। प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में सिंह और नकवी के अलावा, प्रकाश जावड़कर, थावरचंद गहलोत, पीयूष गोयल और प्रह्लाद जोशी मौजूद थे।

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