Tuesday , October 27 2020

हाथरस पर शाह बोले- थाना स्तर पर हुई गलती, कांग्रेस का हमला- थाना न संभले तो सत्ता छोड़िए

लखनऊ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर हाथरस में लड़की से बलात्कार और हत्या में मामले में एसआईटी गठित करने के फैसले का समर्थन किया है। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि हाथरस के मामले में गलतफहमी ‘थाना (पुलिस स्टेशन) के स्तर पर थी, न कि सरकार के स्तर पर। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान पर कांग्रेस ने जोरदार हमला बोला है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सवाल किया है कि जिस सरकार से थाना न संभले वैसी सरकार को सत्ता में बने रहने का क्या अधिकार?

इंटरव्यू के दौरान यह पूछे जाने पर कि क्या देश में बड़े पुलिस सुधार लाने की आवश्यकता है, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जाता है कि पुलिस सुधार समय की जरूरत है लेकिन बलात्कार हाथरस और राजस्थान में एक ही समय में होता है, लेकिन केवल हाथरस की घटना क्यों हुई? इस तरह के जघन्य अपराध पर राजनीति करना कितना सही है? हाथरस के तीन आरोपियों को उसी दिन गिरफ्तार किया गया था और आज तक वे जेल में हैं।

‘ऐसे मुद्दों पर किसी को नहीं करनी चाहिए राजनीति’
आधी रात को पीड़िता के शव के अंतिम संस्कार पर अमित शाह ने कहा कि इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। कुछ अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। अब पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को ट्रांसफर कर दी गई है। ऐसे मुद्दों पर किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए।

‘सरकार ‘थाना स्तर’ में शामिल नहीं’
मामले की किसी भी तरह की हेराफेरी में सरकार की भूमिका से इनकार करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार ‘थाना स्तर’ में शामिल नहीं है। स्थानीय स्तर पर कुछ अधिकारी हैं और मुझे लगता है कि योगी जी ने एसआईटी बनाकर सही काम किया। टीम मामले की पूरी जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा ये सवाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बयान पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट करके पूछा, ‘गृह मंत्री अमित शाह जी ! जिस सरकार से थाना न संभले वैसी सरकार को सत्ता में बने रहने का क्या अधिकार? हाथरस की बिटिया का मध्य रात्रि अंतिम संस्कार कराना कहां तक सही था? जांच पूरी हुए बगैर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, बीजेपी प्रवक्ताओं, नेताओं द्वारा यह कहना कि रेप हुआ ही नहीं। क्या यह सही था? पीड़ित परिजनों को डीएम हाथरस द्वारा धमकाना सही था? असल में हाथरस की घटना ने बीजेपी सरकार के महिला और दलित विरोधी चेहरे को बेनकाब कर दिया है।’

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

कोरोना से उबरे लोग इतने महीने में फिर हो सकते हैं संक्रमित, एंटीबॉडी हो रही बेअसर

लंदन कोरोना वायरस से ठीक हुए लोग फिर से इस वैश्विक महामारी की चपेट में …

Do NOT follow this link or you will be banned from the site!