12.8 C
London
Tuesday, December 9, 2025
Homeराज्यलखनऊ में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत मामले में एक्शन, चिनहट...

लखनऊ में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत मामले में एक्शन, चिनहट इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी सस्पेंड

Published on

लखनऊ,

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में व्यापारी मोहित पांडेय की पुलिस कस्टडी में मौत का मामला गहराता जा रहा है। मृतक के परिजनों ने रविवार को भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के चलते शव को सड़क पर रखकर जमकर प्रदर्शन किया था। अब इस मामले में प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। चिनहट थाने के इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार चतुर्वेदी पर गाज गिर गई है। अश्वनी कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए निलंबित कर दिया गया है। बता दें, मृतक के परिजनों ने चिनहट इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ है।

लखनऊ पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक चिनहट थाने में हुई घटना में परिजनों द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा १०३(१), ६१(२) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्ष्क गोमती नगर विस्तार को दी गई है। पुलिस के मुताबिक पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में ‘Cause of death could not be ascertained, hence viscera preserved for chemical analysis and heart preserved for histopathological examination’ आया है। साथ ही मामले में प्रभारी निरीक्षक के ऊपर लगे आरोपों व दर्ज मुक़दमे के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

दरअसल 32 वर्षीय मोहित पांडेय को शुक्रवार को एक मामूली झगड़े के बाद पुलिस चिनहट थाने ले गई थी। परिजनों का आरोप है कि मोहित की पुलिस कस्टडी में ही मौत हो गई थी। परिजनों ने मृतक मोहित के साथ पुलिस कस्टडी के दौरान टॉर्चर और पिटाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं मृतक की मां की तहरीर पर चिनहट इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार चतुर्वेदी समेत 3 नामजद और अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। परिजनों के भारी विरोध के बाद अब चिनहट इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार चतुर्वेदी को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह भरत कुमार पाठक को थाने का चार्ज दिया गया है। भरत कुमार मौजूदा समय में गाजीपुर थाने में तैनात थे।

अखिलेश प्रियंका ने साधा निशाना – वहीं इस मामले ने अब राजनीतिक मोड ले लिया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने जोरदार हमला बोल दिया है। मायावती ने पोस्ट के जरिये कहा कि यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस हिरासत में व्यापारी मोहित पांडेय की कथित तौर पर हुई मौत की घटना पर परिवार एवं लोगों में रोष व आक्रोश व्याप्त होना स्वाभाविक है। यह घटना अति-निन्दनीय है। मायवती ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय देने के लिए प्रभावी कदम अवश्य उठाए। इसके अलावा, यहां प्रदेश में महिलाओं पर भी आए दिन हो रही जुल्म-ज्यादती की घटनाएं अति-चिन्तनीय, जिन पर भी सरकार ऐसे अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करे, जो अत्यन्त जरूरी है।

इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार चतुर्वेदी हटाए गए
अश्विनी कुमार चुतर्वेदी के खिलाफ यह कार्रवाई चिनहट थाने में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद हुई है. इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के खिलाफ मोहित पांडे की हत्या का केस दर्ज किया गया है. उनके खिलाफ यह कार्रवाई आज दिन भर चले हंगामे के बाद हुई है. दरअसल थाने में मोहित पांडे की मौत के बाद उसकी मां तपेश्वरी देवी की शिकायत पर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार चतुर्वेदी सहित तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था. परिजनों ने पुलिस पर अत्यधिक पिटाई करने का आरोप लगाया था.

पुलिस की लापरवाही आई सामने
मोहित पांडे की मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई में बड़ी लापरवाही सामने आई है. जानकारी के मुताबिक मोहित पांडे को चिनहट थाने पर शुक्रवार रात 10:56 बजे लाया गया था. रात भर थाने में रखने के बाद अगले दिन (शनिवार) दोपहर 1.05 पर उसकी गिरफ्तारी दिखाई गई. दरअसल शुक्रवार को बच्चों के झगड़े में विवाद के बाद पुलिस ने मोहित पांडे और उनके भाई शोभाराम को हिरासत में लिया था. शनिवार को कोर्ट ले जाने के दौरान मोहित की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

लॉकअप का सीसीटीवी फुटेज आया सामने
इस मामले में चिनहट थाने के लॉकअप का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि मोहित पांडे के हाथ पैर ऐंठने लगे तो हवालात में ही बगल में बैठा युवक बिगड़ती तबीयत देख पीठ पर हाथ से सहला रहा है. वहीं, लॉकअप के गेट पर बैठे एक युवक ने पानी की बोतल दी, जबकि दूसरे ने पहरे पर खड़ी महिला कांस्टेबल को दी सूचना. इसके बाद अस्पताल में उसकी मौत की खबर सामने आई थी.

अखिलेश ने साधा निशाना
इस मामले के बाद यूपी पुलिस भी सवालों के घेरे में है. कस्टोडियल डेथ को लेकर मुख्य विपक्षी दला सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि यह मानना चाहिए कि थाने अत्याचार गृह बन गए हैं. थानों में जहां जनता अपनी शिकायत और परेशानी लेकर आती है, पुलिस सुन नहीं रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस के जरिए ही सरकार चलाने की कोशिश की जा रही है.

 

Latest articles

मुंबई में रेप के आरोप में पुलिसकर्मी गिरफ्तार

मुंबई।महाराष्ट्र के पालघर जिले में तैनात एक पुलिसकर्मी को एक महिला ने रेप के...

गुजरात के गिर-सोमनाथ में भूकंप के झटके

अहमदाबाद।गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमवार सुबह 10:51 बजे भूकंप के हल्के झटके...

More like this

पन्ना नेशनल पार्क में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 नई कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी

पन्ना ।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मड़ला गेट...

ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी तेज, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने किया व्यापक निरीक्षण

ओरछा/भोपाल।राज्य सरकार ने ऐतिहासिक नगरी ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित...

एमपी के राजभवन का नाम बदला, अब हुआ लोक भवन

भोपाल।केंद्र सरकार के निर्णय के बाद मध्यप्रदेश के राजभवन का नाम अब ‘लोक भवन’...