3 C
London
Sunday, March 22, 2026
Homeराष्ट्रीयकैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, रिहैब फाउंडेशन... PFI ही नहीं, इन संगठनों पर...

कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, रिहैब फाउंडेशन… PFI ही नहीं, इन संगठनों पर भी लगा बैन

Published on

नई दिल्‍ली

भारत में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उससे जुड़े संगठनों को प्रतिबंधित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 27 सितंबर 2022 को इसकी अधिसूचना जारी की। PFI और उसके सहयोगियों या मोर्चों को तत्काल प्रभाव से 5 साल के लिए ‘गैरकानूनी संघ’ घोषित किया गया है। UAPA की धारा 3(1) के तहत मिली शक्तियों का इस्‍तेमाल करते हुए केंद्र ने PFI ही नहीं, कई अन्‍य संगठनों पर भी बैन लगाया है। इनमें ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), नैशनल कन्‍फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेन (NCHRO), रिहैब फाउंडेशन इंडिया (RIF), नैशनल विमंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट जैसी संस्‍थाएं शामिल हैं। ताजा फैसले में प्रतिबंधित किए गए संगठनों की सूची आप नीचे देख सकते हैं।

MHA की ओर से बैन किए गए संगठनों की सूची
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)
रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF)
कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI)
ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AICC)
नैानल कन्‍फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO)
नैशनल विमंस फ्रंट
जूनियर फ्रंट
एम्‍पावर इंडिया फाउंडेशन
रिहैब फाउंडेशन, केरल

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) क्या है?
PFI खुद को अल्पसंख्यकों, दलितों और हाशिए पर मौजूद दूसरे समुदायों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला संगठन बताता है। साल 2007 में दक्षिण भारत के तीन मुस्लिम संगठनों के विलय से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का जन्म हुआ। ये संगठन थे-केरल का नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिता नीति पसारी। विलय का फैसला 2006 में केरल के कोझिकोड में एक मीटिंग के दौरान लिया गया था। स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर प्रतिबंध के बाद PFI उभरकर सामने आया। इसके कितने मेंबर हैं इसकी जानकारी नहीं है। पहले कोझिकोड में हेडक्वॉर्टर था, जिसे बाद में दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया। ओएमए सलाम इसके अध्यक्ष हैं।

PFI पर कब-कब लगे आरोप?
उत्तर प्रदेश में जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि संगठन ने हाथरस में जातीय हिंसा फैलाने की साजिश रची। साल 2020 में नागरिकता कानून के विरोध में हुई हिंसा में इस संगठन का नाम आया था। बेंगलुरू में हुई सांप्रदायिक हिंसा में भी PFI के सहयोगी संगठनों का नाम आया। कर्नाटक में हिजाब आंदोलन में भी PFI का हाथ बताया गया था। धर्म छुपाकर शादी करने के मामले में PFI पर आरोप लगे थे। कुछ साल पहले एनआईए ने भी PFI के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। इसमें कहा गया था कि कम समय में जिस तेजी से संगठन का विस्तार हुआ, वह चिंता की बात है। रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने संगठन पर निगरानी बढ़ा दी थी।

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...