बलौदा बाजार:
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में सोमवारो को सतनामी समाज का प्रदर्शन हिंसक हो गया। कवेक्टर का घेराव करने पहुंची भीड़ ने कलेक्टर और एसपी ऑफिस को फूंक दिया। वहीं, सैकड़ों वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। एसपी की कहना है कि समाज के लोगों अचानक से बेकाबू हुआ और फिर भीड़ हिंसक हो गई। हालांकि डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने दावा किया है कि उपद्रव करने वाले वाले सतनामी समाज के नहीं हैं। हिंसा को लेकर एक बड़ा सवाल उठ रहा है। क्या है घटना प्लानिंग के तह की गई है?
कलेक्टर ऑफिस का घेराव करने पहुंचे लोगों के पास पेट्रोल, पत्थर और लाठी डंडे मौजूद थे। जिसे लेकर कहा जा रहा है कि पहले से ही इस तरह के उपद्रव की प्लानिंग थी। सतनामी समाज के लोगों ने प्रशासन से केवल ज्ञापन सौंपने की अनुमति थी ली थी। फिर इस भीड़ के पास इतनी मात्रा में पत्थर, पेट्रोल और लाठी डंडे कहां से आए।
कलेक्ट्रेट परिसर में लगाया समाज झंडा
उपद्रवियों ने सबसे पहले कलेक्ट्रट परिसर में लगे बैरिकेड को तोड़ा और फिर अंदर आ गए। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और फिर आगजनी कर दी। सोशल मीडिया में घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग गाड़ियों में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में पथराव भी किया गया।
आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। आगजनी के बाद कुछ उपद्रवियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही अपने समाज का झंडा भी लगाया। हालांकि अब इस मामले में प्रशासन ने सख्ती बरते हुए जिले में धारा 144 लगा दी है। परिसर के पास बड़ी संख्या में पुलिसबल को तैनात किया गया है।
करोड़ों रुपये का नुकसान
कलेक्टर और एसपी ऑफिस में आगजनी की घटना से सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। कलेक्टर और और एसपी ऑफिस में खड़ी सरकारी गाड़ियों के साथ प्राइवेट वाहनों को भी तोड़ा गया है। घटना के बाद सीएम ने सोमवार को गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।
