नई दिल्ली
भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने वकीलों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी है। उन्होंने बुधवार को कहा कि कोविड मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर वकील अदालत में वर्चुअल रूप से पेश होने के लिए स्वतंत्र हैं। CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि अखबारों की रिपोर्ट बताती है कि कोविड के मामले बढ़ रहे हैं और अगर कोई वकील वर्चुअल रूप से अदालत में पेश होना चाहता है तो वे हो सकते हैं। साथ ही हाइब्रिड मोड भी चालू है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, “हमने बढ़ते कोविड मामलों पर अखबारों की रिपोर्ट देखी। वकील हाइब्रिड मोड का उपयोग कर सकते हैं। यदि आप ऑनलाइन पेश होना चुनते हैं, तो हम आपकी बात सुनेंगे।”
सुप्रीम कोर्ट काफी समय से हाईब्रिड मोड (फिजिकल और वर्चुअल) का सफलतापूर्वक प्रयोग कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ऐप और YouTube के माध्यम से संविधान पीठ की कार्यवाही का लाइव-स्ट्रीमिंग शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में 4435 ताजा कोरोना के मामले सामने आये हैं जबकि वर्तमान में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 23,091 है।
भारत में कोविड के मामलों में पिछले कुछ दिनों में वृद्धि देखी गई है। 1 अप्रैल को 2,994, 2 अप्रैल को 3,824 और 3 अप्रैल को 3,641 मामले सामने आये थे। वहीं मंगलवार को मामलों में मामूली गिरावट देखी गई। पिछले 24 घंटों में 2,069 ठीक हुए। वहीं मंगलवार को अब तक कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,41,77,204 हो गई। कुल रिकवरी दर 98.76 प्रतिशत आंकी गई है।
मंगलवार को डेली और साप्ताहिक सकारात्मकता दर क्रमशः 1.84 प्रतिशत और 2.49 प्रतिशत थी। जबकि पिछले 24 घंटों में कुल 1,894 व्यक्तियों को वैक्सीन लगाई गई थी। अब तक हुए कुल 92.20 करोड़ टेस्ट में से 1,64,740 टेस्ट मंगलवार को किए गए।
भारत में बढ़ते कोविड मामलों पर ध्यान देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Union Health Minister Mansukh Mandaviya) ने सोमवार को कहा कि ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट, जो वर्तमान में देश में बढ़ रहा है, उसके कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई है और चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सतर्क रहने और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
