दिल्ली,
दिल्ली से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया. जिससे 2 छात्रा और एक छात्र अंदर फंस गए थे. सूचना पाकर मौके पर पहुंची NDRF ने 2 छात्राओं के शव को बरामद कर लिया है. वहीं एक छात्र अभी भी लापता हैं. जानकारी के मुताबिक 7 बजे फायर डिपार्टमेंट को एक कॉल मिली और बताया गया कि कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से 2 छात्रा और एक छात्र फंस गए हैं.दिल्ली की मेयर शेली ओबेरॉय ने बताया कि एक नाला/सीवर फटने से बेसमेंट में अचानक बाढ़ आ गई. पूरे मामले में अगर किसी एमसीडी अधिकारी की गलती पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दो से तीन मिनट के अंदर बेसमेंट में भरा पानी
मौके पर मौजूद एक छात्र ने बताया कि 7 बजे के करीब लाइब्रेरी बंद होती है. इस दौरान हम लोग करीब 35 बच्चे मौजूद थे. हम लोगों को बाहर निकलने के लिए कहा गया. इसी दौरान सभी छात्र बेसमेंट से ऊपर निकल रहे थे. लेकिन पानी इतनी तेज आया कि कुछ छात्र फंस गए और दो से 3 मिनट के अंदर पूरा बेसमेंट भर गया. बारिश का पानी इतना गंदा था कि नीचे कुछ भी दिख नहीं रहा था.
शिक्षा मंत्री ने दिया जांच का आदेश
राव कोचिंग सेंटर डूबने की घटना पर दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि अग्निशमन सेवा और एनडीआरएफ मौके पर तैनात हैं. दिल्ली के मेयर और स्थानीय विधायक भी मौके पर हैं. मैं स्थिति पर करीब से नज़र रख रही हूं. दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. इस दुर्घटना के लिए जो भी ज़िम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
भाजपा ने आप विधायक पर लगाया लापरवाही का आरोप
मामले को लेकर दिल्ली भाजपा के पूर्व महामंत्री राजेश भाटिया ने आप विधायक दुर्गेश पाठक पर हमला बोला है. घटना स्थल पहुुंच उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है. उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के चलते राजेंद्र नगर के कई इलाकों में पानी भर गया है. इसकी शिकायत आप के स्थानीय विधायक से भी की गई, लेकिन उन्होंने पानी निकासी को लेकर कोई काम नहीं किया.
वहीं, शनिवार को यहां स्थित राव आईएएस कोचिंग सेंटर के लाइब्रेरी में पानी भर गया. लाइब्रेरी बेसमेंट में स्थित है. पानी भरने के चलते 3 बच्चे लापता हो गए हैं. हालांकि, सूचना पर NDRF और दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई हैं और तीनों छात्रों को बाहर निकालने की कोशिश कर रही है. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि तीनों बच्चे सुरक्षित बाहर आए और उनके साथ किसी भी तरह की अनहोनी न हो.
