नई दिल्ली,
बॉलीवुड की अदाकारा और हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार कंगना रनौत और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में भारतीय चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और बीजेपी नेता दिलीप घोष की कड़ी निंदा की है। आयोग ने दोनों नेताओं के द्वारा की गई टिप्पणियों को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया। साथ ही आयोग ने दोनों को चेतावनी नोटिस थमाते हुए आगाह भी किया कि भविष्य में उनकी तरफ से फिर से ऐसा किया गया तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में आयोग ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत द्वारा बीजेपी उम्मीदवार कंगना रनौत और बीजेपी नेता दिलीप घोष द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां आचार संहिता का सरासर उल्लंघन हैं। इस मामले में दोनों नेताओं की पार्टियों के अध्यक्षों को भी आयोग ने कॉपी भेजी है। ताकि वह अपनी-अपनी पार्टियों के नेताओं को चुनावी मौसम के दौरान भाषण और आचरण में संयम और मर्यादा बरतने पर ध्यान दें। दोनों आरोपी नेताओं पर आयोग की तरफ से सोमवार से और निगरानी शुरू कर दी गई है। जिससे की उनके द्वारा भविष्य में अगर और इस तरह की कोई अपमानजनक टिप्पणी की जाती है तो आयोग उस पर कार्रवाई कर सके।
आयोग ने बताया कि इस मामले में शिकायत मिलने के बाद दोनों नेताओं को 27 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में दोनों नेताओं को 29 मार्च की शाम पांच बजे तक आयोग को अपने-अपने जवाब देने के लिए कहा गया था। दोनों नेताओं में से दिलीप घोष ने आयोग के समक्ष अपना जवाब 28 मार्च और सुप्रिया श्रीनेत ने 29 मार्च तक दे दिया था। लेकिन दोनों के जवाबों से ही आयोग संतुष्ट नहीं हुआ और इनके कृत्यों को महिलाओं का अपमान बताते हुए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया। इस मामले में आयोग की तरफ से कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी कॉपी भेजते हुए दोनों पार्टी चीफ से कहा गया है कि वह अपने नेताओं को आदर्श आचार संहिता के बारे में बताते हुए संयम बरतने के लिए कहें।
इस मामले में आयोग ने पहले ही 1 मार्च को एडवाइजरी जारी करके तमाम राजनीतिक दलों को आदर्श आचार संहिता के बारे में बताया था। इसमें कहा गया था कि चुनावों के दौरान कोई भी नेता, स्टार प्रचारक या अन्य एक-दूसरे पर निजी हमले ना करे। कोई भी ऐसा कार्य ना करें जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो
बता दें कि चेतावनी नोटिस की एक कॉपी पार्टी अध्यक्षों को भी भेजी जाती है, जिससे वे अपने पदाधिकारियों को पब्लिक डोमेन में स्पीच देते वक्त सावधान रहने और ऐसी किसी भी अपमानजनक टिप्पणी और MCC दिशानिर्देशों के उल्लंघन से बचने के लिए जागरूक कर सकें.
सुप्रिया श्रीनेत विवादों में क्यों?
कांग्रेस लीडर सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया अकाउंट से बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के बारे में विवादास्पद टिप्पणी की गई थी. बता दें कि कंगना को बीजेपी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी से अपना उम्मीदवार बनाया है. टिप्पणी से हुए विवाद के बाद सुप्रिया श्रीनेत ने अपने सभी सोशल अकाउंट्स से विवादास्पद बयान को हटाया. इसके साथ ही सुप्रिया ने दावा किया कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट से की गई विवादास्पद पोस्ट उन्होंने नहीं, बल्कि किसी और ने की थी. क्योंकि उनके अकाउंट का एक्सेस कई लोगों के पास है.
ममत बनर्जी को लेकर विवादित बोल
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने अपने बयान में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के पारिवारिक बैकग्राउंड के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी. विवाद बढ़ने पर उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर निशाना साधने वाली अपने विवादास्पद बयानों को लेकर माफी भी मांगी थी.

