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लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार… जेल से केजरीवाल चलाएंगे दिल्ली सरकार!

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नई दिल्ली,

शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट ने 15 दिनों की कस्टडी में भेजा गया है. ऐसे में आजाद भारत में केजरीवाल पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो जेल के भीतर से सरकार चलाएंगे. राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था. केजरीवाल देश के इतिहास में पहले ऐसे मुख्यमंत्री भी हैं, जिन्हें पद पर रहते हुए गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बावजूद भी केजरीवाल ने पद से इस्तीफा नहीं देने का फैसला किया था और वह दिल्ली के मुनख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं.

जेल से सरकार चलाने के सवाल पर तिहाड़ जेल के एक पूर्व अधिकारी सुशील कुमार गुप्ता ने कहा कि दिल्ली जेल अधिनियम 2000 के तहत प्रशासन के पास किसी भी इमारत या क्षेत्र को जेल घोषित करने का अधिकार है. इस प्रावधान के तहत सैद्धांतिक रूप से जेल के भीतर से सरकार के कामकाज को मंजूरी दी गई है.हालांकि, गुप्ता ने कहा कि इस तरह के प्रावधानों को लागू करने का अधिकार दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के पास है. उन्होंने इसके लिए उद्योगपति सुब्रता रॉय सहारा का उदाहरण दिया, जिसने उपराज्यपाल के दिशानिर्देशों के बाद जेल के भीतर से व्यापारिक लेनदेन किया था.

शराब घोटाले में गिरफ्तार हुए थे केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने लगभग दो घंटे की पूछताछ के बाद 21 मार्च को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार किया था. दिल्ली शराब घोटाले में उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट ने 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था. अपनी गिरफ्तारी के बाद भी अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है. आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहेंगे और जरूरत पड़ने पर जेल से सरकार चलाएंगे.

क्या थी नई शराब नीति?
– 22 मार्च 2021 को मनीष सिसोदिया ने नई शराब नीति का ऐलान किया था. 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई.
– नई शराब नीति आने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई. और पूरी शराब की दुकानें निजी हाथों में चली गई.
– नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी.
– हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही. जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी.

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