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Saturday, March 21, 2026
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फिर डूब गया हिमाचल का ‘केदारनाथ’, ब्यास की बाढ़ में घिरे मंडी के पंचवक्त्र मंदिर का देखिए मंजर

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​हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर आसमान से तबाही बरसी है। भारी बारिश और भूस्खलन से हाहाकार मचा हुआ है। जहां एक ओर शिमला के समरहिल स्थित शिव मंदिर में तबाही का मंजर है, वहीं दूसरी ओर मंडी का पंचवक्त्र मंदिर भी एक बार फिर डूब गया है। जुलाई में ब्यास नदी की बाढ़ के दौरान मंडी का यह मशहूर शिव मंदिर चर्चा में रहा था। यहां बाढ़ का पानी घुस गया था। अब एक बार फिर मंदिर पानी में घिरा हुआ है। राज्य में पिछले 48 घंटों से मूसलाधार बारिश जारी है।

​जुलाई की बाढ़ में भी डूबा था मंदिर
​मंडी का पंचवक्त्र मंदिर एक बार फिर पानी में डूब गया है। वैसे तो यह मंदिर हर मॉनसून सीजन में बाढ़ के पानी से घिर जाता है लेकिन मंदिर पूरी तरह नहीं डूबता। जुलाई में आई ब्यास की बाढ़ में 100 साल बाद मंदिर के बगल स्थित विक्टोरिया ब्रिज भी चपेट में आ गया था। भगवान शिव को समर्पित पंचवक्त्र मंदिर को त्रिलोकीनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। पूरे हिमाचल प्रदेश में इस मंदिर की काफी मान्यता है।

​केदारनाथ जैसा दिखता है पंचवक्त्र मंदिर
मंडी के पंचवक्त्र मंदिर के गर्भगृह में महादेव की पंचमुखी प्रतिमा है, इसीलिए इस मंदिर को पंचवक्त्र कहा जाता है। पंचमुखी प्रतिमा के जरिए शिव के विभिन्न स्वरूप ईशान, अघोरा, वामदेव, तत्पुरुष और रुद्र को दर्शाया गया है। एक और खास बात है कि देखने में यह मंदिर उत्तराखंड के केदारनाथ की तरह लगता है। 2013 की विनाशकारी बाढ़ में केदारनाथ मंदिर भीमशिला के आने से सुरक्षित बच गया था। इसी तरह पंचवक्त्र जब जुलाई में बाढ़ के पानी से घिरा था तो उसी तरह का मंजर ताजा हो गया था।

ASI ने पंचवक्त्र को राष्ट्रीय स्थल का दिया है दर्जा
​पंचवक्त्र महादेव का मुख्य द्वार ब्यास नदी की तरफ है। इसके दोनों ओर द्वारपाल हैं। इसके साथ ही नंदी की एक भव्य मूर्ति भी मौजूद है। नंदी का मुख गर्भगृह की दिशा में है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने इस मंदिर को राष्ट्रीय स्थल घोषित किया है।

​जुलाई की बाढ़ में भी दिखा था विकराल मंजर
​मंडी का प्रसिद्ध ऐतिहासिक पंचवक्त्र मंदिर काफी प्राचीनहै।राजा सिद्ध सेन ( 1684-1727) ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। मंदिर के निर्माण में पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही मंदिर का शिखर भी ध्यान खींचता है। जुलाई में आई बाढ़ के दौरान 100 साल बाद बाढ़ का विकराल रूप दिखा था।मंदिर के बगल स्थित सुकेती खड्ड पर बने विक्टोरिया ब्रिज को भी ब्यास की बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया था।

​​शिमला में भारी तबाही, शिव मंदिर में फंसे लोग
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही मची है। शिमला के समरहिल इलाके में शिव मंदिर पर पहाड़ गिरने से तकरीबन 25 लोग मलबे में फंस गए हैं। अब तक यहां से 5 शव निकाले जा चुके हैं। वहीं फागली में भूस्खलन की चपेट में मकान के आने से 3 की मौत हुई है। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समरहिल का दौरा किया। सीएम सुक्खू ने अपील की है कि अगले दो दिन के लिए सैलानी हिमाचल की यात्रा को टाल दें।

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