4.8 C
London
Sunday, March 22, 2026
Homeराष्ट्रीयअन्याय की भरपाई किसी और से नहीं.... फांसी की सजा पाए रेप...

अन्याय की भरपाई किसी और से नहीं…. फांसी की सजा पाए रेप – मर्डर के आरोपी को सुप्रीम कोर्ट ने किया बरी

Published on

नई दिल्ली

शीर्ष अदालत ने रेप और मर्डर मामले में फांसी की सजा पाए एक आरोपी को बरी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मामले में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है। इस मामले में ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट ने गवाहों के बयान के विरोधाभास को नजरअंदाज किया है। अदालत ने कहा कि विक्टिम के साथ हुए अन्याय की भरपाई के लिए किसी और के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले में गवाहों के बयान में आपस में विरोधाभास है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी को बिना लेशमात्र साक्ष्य के फांसी की सजा दी गई और ट्रायल कोर्ट ने और हाई कोर्ट ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया कि गवाहों के बयान में विरोधाभास है और आरोपी को बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस अब्दुल नजीर की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि आरोपी बेहद गरीब है और वह अपने लिए सेशनल कोर्ट में वकील तक नहीं कर सका था। कोर्ट में इसके लिए लगातार आग्रह किया गया तब सेशल कोर्ट ने सरकार की ओर से वकील मुहैया कराया। इस मामले में अभियोनज पक्ष की इस बात को लेकर आलोचना की कि मामले में छानबीन सही तरह से नहीं की गई।

शीर्ष अदालत ने कहा कि हम इस बात को मना नहीं कर सकते हैं कि छह साल की एक बच्ची के साथ रेप और मर्डर की वारदात को अंजाम दिया गया। लेकिन छानबीन सही तरह से नहीं की गई और अभियोजन पक्ष ने विक्टिम फैमिली के साथ अन्याय किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता आरोपी पर अभियोजन पक्ष ने आरोप मढ़ दिया जबकि उसके खिलाफ लेशमात्र का साक्ष्य नहीं था। इस तरह याचिकाकर्ता आरोपी के साथ भी अभियोजन पक्ष ने अन्याय किया है। अदालत ने कहा कि विक्टिम के साथ हुए अन्याय की भरपाई के लिए किसी और के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में पेश मामले के मुताबिक अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आरोपी अपनी छह साल की भतीजी को डांस दिखाने के बहाने ले गया। होली के मौके पर डांस और गाना दिखाने के बहाने लड़की को आरोपी ले गया और फिर उसके साथ रेप किया और मर्डर कर दिया। सेशन कोर्ट ने आरोपी को रेप और मर्डर में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फांसी की सजा को बरकरार रखा और फिर मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया।

आरोपी की ओर से दाखिल की गई अपील में कहा गया है कि गवाहों के बयान में विरोधाभास है। पुलिस ने छानबीन में देरी की थी और अभियोजन पक्ष ने फॉरेंसिंक और मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं की। आरोपी ने कहा कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने शुरू से यह डिफेंस लिया है कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। कोर्ट ने यह भी पाया है कि गवाहों के बयान में विरोधाभास है और वह विश्वसनीय नहीं है। एफआईआर को संबंधित कोर्ट में ट्रांसफर करने में देरी हुई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि जब अपराध जघन्य और गंभीर होता है तो जो साक्ष्य पेश किए जाते हैं उसे गहन तरीके से स्क्रूटनी की जरूरत होती है। नैशनल लॉ यूनिवर्सिटी के प्रोजेक्ट 39 ए ने आरोपी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...