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मुश्किल में पड़ोसी ही याद आता है! संकट में घिरे पाकिस्तान को अब भारत से मदद की आस

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इस्लामाबाद

भारत पाकिस्तान के बीच अक्सर संबंध तनावपूर्ण बने रहते हैं। लंबे समय से दोनों देशों के बीच व्यापार भी बंद है। फिलहाल पाकिस्तान में करोड़ों लोग दशकों में सबसे भयानक बाढ़ का सामना कर रहे हैं। बाढ़ या मौसम संबंधी घटनाओं में 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने भारत के साथ व्यापार दोबारा शुरू करने की घोषणा की है। बाढ़ ने 3 करोड़ लोगों को प्रभावित किया है और लाखों एकड़ कृषि योग्य भूमि सैलाब की चपेट में आ गई है। जलस्तर बढ़ने के चलते अब सिंधु नदी के भी तटों को तोड़कर तबाही मचाने की आशंका जताई जा रही है।

पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इस्माइल ने कहा, ‘हम इस बाढ़ और खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी के कारण भारत के साथ व्यापार मार्ग खोलेंगे।’ कुछ दिनों पहले इस्माइल ने मुल्क को आगाह करते हुए कहा था कि नकदी संकट से जूझ पाकिस्तान के लिए आने वाले दिन ‘बुरे’ रहने वाले हैं। अगस्त की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि सरकार अगले तीन महीने के लिए आयात पर नियंत्रण जारी रखेगी। पिछले वित्त वर्ष में पाकिस्तान ने 80 अरब डॉलर का आयात किया जबकि निर्यात 31 अरब डॉलर का किया।

पीएम मोदी बाढ़ पर व्यक्त की संवेदनाएं
पाकिस्तान की ओर से भारत के साथ व्यापार दोबारा शुरू करने की इच्छा जाहिर करने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक ट्वीट किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान के संकट पर दुख जाहिर किया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘पाकिस्तान में बाढ़ से हुई तबाही को देखकर दुख हुआ। हम पीड़ितों, घायलों और इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सभी परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति की बहाली की आशा करते हैं।’

मुश्किल में याद आता है पड़ोसी
लंबे समय बाद दोनों पड़ोसियों के बीच इस तरह के संबंध देखने को मिल रहे हैं। हालांकि पूर्व पाक पीएम इमरान खान के जाने के बाद जब शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे तब भी पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी थी। पाकिस्तान की ओर से व्यापार दोबारा शुरू करने की इच्छा यह दिखाता है कि ‘मुश्किल वक्त में सबसे पहले पड़ोसी ही याद आता है।’ सोमवार को बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1100 तक पहुंच गई। प्रलय का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश की आबादी का सातवां हिस्सा विस्थापित हो चुका है।

बाढ़ से बदतर हो गए हालात
साल 2019 में भारत ने जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था। इसके बाद इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की तत्कालीन सरकार ने भारत के साथ सभी तरह के व्यापार पर रोक लगा दी थी। मौजूदा बाढ़ पाकिस्तान को भारत की याद आने का सिर्फ ‘एक अन्य कारण’ है, असल समस्या तो पुरानी है। लंबे समय से पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकटों से जूझ रहा है जिसे इस बाढ़ ने बदतर बना दिया है। बाढ़ की तबाही के बीच पाकिस्‍तान में प्‍याज 400 रुपये और टमाटर 500 रुपये किलो बिक रहा है। पाकिस्‍तान इस समय डिफाल्‍ट होने की कगार पर है और केवल बाढ़ से ही उसे 5.5 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा है।

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