नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने शिवसेना के दोनों गुटों के बीच तकरार पर 14 फरवरी से सुनवाई शुरू की। उच्चतम न्यायालय की इस संवैधानिक पीठ में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उद्धव ठाकरे गुट की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। तो, एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से हरीश साल्वे ने दलील रखी।
जब CJI ने सिब्बल से पूछा- पेपर पर क्या पढ़ रहे हैं?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कई हल्के-फुल्के वाकये भी हुए। उद्धव ठाकरे गुट की तरफ से पेश कपिल सिब्बल, दलील के दौरान एक पेपर पर कुछ पढ़ने लगे। इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने उन्हें टोका और पूछा कि मिस्टर सिब्बल आप पेपर पर क्या लिखा पढ़ रहे हैं? इस प्रश्न के जवाब में सिब्बल ने कहा कि मैं अभी भी सीख रहा हूं, कृपया हमें हाइब्रिड सामग्री इस्तेमाल करने की इजाजत दें…।
कपिल सिब्बल को जवाब देते हुए चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर आप चाहते हैं तो हम आपके लिए एक और ट्रेनिंग सेशन आयोजित कर सकते हैं। सीजेआई ने मुस्कुराते हुए कहा कि हम आर्टिकल 142 भी यूज कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान हरीश साल्वे ने सीजेआई से कहा कि वो 15 फरवरी की बहस में अपना आईपैड यूज करेंगे और 20 मिनट से ज्यादा का वक्त नहीं लेंगे।
संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को ऐसी शक्ति प्रदान करता है, जिसमें कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए ऐसी डिक्री या आदेश दे सकता है, जो उसके समक्ष लंबित किसी भी मामले या मामलों में पूर्ण न्याय के लिए आवश्यक हो।
सुनवाई के दौरान उद्धव ठाकरे की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि स्पीकर, न सिर्फ विधानसभा में कार्य करता है बल्कि एक ट्रिब्यूनल की तरह होता है। उन्होंने नबाम रेबिया मामले का उदाहरण दिया और कहा कि महाराष्ट्र की विधानसभा में बहुमत असंवैधानिक है। कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्यपाल ने निर्देश दिया था कि स्पीकर सदन की संरचना में बदला नहीं कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने 21 सदस्यों को अयोग्य घोषित कर दिया और डिप्टी स्पीकर ने इसे पलट दिया। मामले में आज यानी 15 फरवरी को भी सुनवाई जारी रहेगी और शिंदे गुट की तरफ से हरीश साल्वे दलील पेश करेंगे।
