बांदा
माफिया डॉन अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या करने वालों के बारे में धीरे-धीरे जानकारी मिल रही है। शनिवार शाम प्रयागराज के एक अस्पताल के बाहर तीन हथियारबंद युवकों ने गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी। इन तीनों की पहचान- लवलेश (बांदा), सनी (हमीरपुर) और अरुण (कासगंज) के तौर पर की हुई है।
शूटर लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है। उसके परिवार का कहना है कि वह करीब सप्ताह भर पहले घर आया था। लवलेश के पिता यज्ञ तिवारी मीडिया से बातचीत करते समय बेटे से नाराज दिखे। उन्होंने साफ कह दिया कि उनका बेटा नशेड़ी था और उनका बेटे से किसी तरह का कोई संबंध नहीं है। लेकिन लवलेश की मां आशा तिवारी रो-रोकर बेहाल थी। उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था कि धार्मिक स्वभाव वाला लवलेश ऐसा भी कर सकता है।
मीडिया से बात करते हुए आशा तिवारी ने कहा, ‘संकटमोचन का बड़ा भक्त था, बिना संकटमोचन जाए चाय भी नहीं पीता था। भजन वगैरह भी गाता था, मंडली वाले साथ ले जाते थे। मगर इसके नसीब में क्या लिखा था पता नहीं। परोपकारी था, अपना काम धंधा छोड़कर परोपकार करता रहता था। अब न जाने इसके नसीब में क्या लिखा है।’ आखिरी बार कब मुलाकात हुई यह पूछने पर आशा देवी ने बताया, एक सप्ताह हो गया तब से कोई बातचीत नहीं हुई थी। फोन भी स्विच ऑफ जाता था।
लवलेश तिवारी के बारे में पता चला है कि उसने इंटर तक पढ़ाई की थी। वह पहले भी एक मामले में जेल गया था और करीब डेढ़ साल तक जेल में ही रहा था। फिलहाल, अतीक के हत्यारों से पुलिस की पूछताछ जारी है। हत्या के मकसद के बारे में उनका कहना था कि बड़ा माफिया बनने के लिए उन्होंने अतीक और अशरफ को मारने का फैसला किया।
