अयोध्या,
यूपी के अयोध्या में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक दलित युवती के साथ रेप के बाद उसके हाथ-पैर तोड़ दिए. इतना ही नहीं आंखें फोड़ कर शरीर से ब्लड से कई वार किए गए. शनिवार सुबह नाले में शव मिलने से हड़कंप मच गया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
भागवत देखने घर से निकली थी लड़की
बताया गया कि पीड़िता मानसिक रूप से बीमार थी. 30 जनवरी की रात वह भागवत देखने के लिए घर से निकली थी. देर रात बेटी के न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. 31 जनवरी तक उसकी तलाश की गई, लेकिन वह कहीं नहीं मिली. शनिवार को उसका शव नाले में पड़ा मिला. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
पीड़िता के शरीर से गायब मिले कपड़े
बताया गया कि जहां लड़की का शव मिला वहां खून पड़ा था. लड़की के शरीर में कोई कपड़ा नहीं था. आशंका है कि उसके साथ रेप कर हत्या कर दी गई. हाथ पैर भी तोड़ दिए थे. हाथ पैर बंधा था. आंखें फोड़ दी गई थी. शरीर पर ब्लेड से वार करने के निशान मिले हैं. सूचना पर मौके पर सपा नेता मौके पर पहुंच गए और पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की. बताया गया कि सपा के पूर्व विधायक और मंत्री तेज नारायण पांडे ने पीड़िता के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
दरअसल, परिजनों ने पहले ही पुलिस को युवती की गुमशुदगी की खबर दी थी. आरोप है कि पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सुबह जब परिजनों को खेतों में खून से सने कपड़े मिले, तो उनका शक पुख्ता हो गया. उसके बाद गांव के बाहर नाले के पास युवती का शव मिला.
पीड़िता के पिता ने बताया, “हमें करीब 12 बजे पता चला कि हमारी बेटी के कपड़े खेतों में पड़े हैं. जब वहां पहुंचे तो हमने उन्हें पहचान लिया. फिर किसी ने बताया कि स्कूल में भी खून पड़ा है. तब हमें यकीन हो गया कि हमारी बेटी को मार डाला गया. हम पुलिस से इंसाफ चाहते हैं. जिसने यह घिनौना अपराध किया है, उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए.”
पुलिस अधिकारी सीईओ आशुतोष तिवारी ने कहा, “22 वर्षीय लड़की की गुमशुदगी की शिकायत हमें मिली थी. हमने तलाशी अभियान चलाया और शव बरामद हुआ. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.”
दूसरी ओर, परिजनों का कहना है कि पुलिस ने अभी तक सिर्फ आश्वासन ही दिया है, लेकिन कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है. इस घटना को लेकर गांव में भारी आक्रोश है. लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं.
इस घटना को लेकर भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने भी गहरी चिंता जताई है. चंद्रशेखर आजाद ने ट्वीट किया कि यह समाज में व्याप्त असुरक्षा और अमानवीयता को खौफनाक तरीके से उजागर करता है. उन्होंने मांग की है कि इस जघन्य अपराध पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए.
अखिलेश यादव ने भी घटना को दुखदायी बताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की. साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी उठाई.
