नई दिल्ली,
पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी ISI के नापाक मंसूबे से पर्दा उठा है. राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने ऑपरेशन सरहद के तहत पाकिस्तान की पोल खोली है. इस मामले में दो लोगों को अरेस्ट किया गया है. इसमें एक शख्स को पाकिस्तान की एजेंट ने खूबसूरती के जाल और पैसों का लालच देकर फंसाया. इसके बाद दिल्ली के सेना भवन के कई गोपनीय दस्तावेजों की जानकारी ले ली. दूसरे मामले में गिरफ्तार किया गया शख्स सेना की गतिविधियों की जानकारी सीमा पार पहुंचा रहा था.
खूबसूरती के जाल में फंसे रवि प्रकश मीणा ने बताया कि साल 2012 में उसने सरकारी नौकरी की तैयारी करने के लिए जयपुर में किराये पर कमरा लेकर एक साल कोचिंग की. साल 2013 में परीक्षा दी और 2014 में भर्ती की मैरिट लिस्ट जारी हो गई. इसमें पास होने पर 1 जून 2015 को सेना भवन नई दिल्ली में तैनाती मिली. यहां वो रिसिप्ट, डिस्पैच और डाक वितरण का काम करता था.
‘फेसबुक पर ईशा का Hi, Hello का मैसेज आया’
साल 2020 में वो ईशा बंसल और मृदुला वर्मा नाम की लड़की के संपर्क में आया. फेसबुक पर ईशा का Hi, Hello का मैसेज आया. इस पर उसने रिप्लाई किया. इस दौरान लड़की से पूछा कि आप कौन हैं. इस पर उसने खुद को उदयपुर की निवासी बताया. साथ ही कहा कि उसके पिता स्पेन में चाय की कैंटीन चलाते हैं.
‘लड़की ने वॉइस कॉल और वीडियो कॉल भी की’
लड़की की इस बात पर रवि को कुछ डाउट हुआ तो उसने कहा कि अगर तुम्हारी फेसबुक आईडी फ्रॉड नहीं है तो मैसेंजर पर वॉइस कॉल और वीडियो कॉल करो. इस पर लड़की ने वॉइस कॉल और वीडियो कॉल भी की. भरोसा कायम करने के कुछ दिनों बाद लड़की उसे वाट्सएप पर वीडियो कॉल करने लगी. इसी दौरान ईशा की तरह ही मृदुला वर्मा नाम बताकर एक और लड़की ने उसे अपने हुस्न के जाल में फंसाया.
‘दोनों ने जरूरत पड़ने पर मदद भी मांगी’
3 मई 2022 को ईशा ने कॉल करके उसे बताया कि उसे डिफेंस में नौकरी मिल गई है. उसने मिठाई खाने के लिए हर्ष नाम की आईडी से 3,000 रुपये भी भेजे. ठीक ऐसे ही मृदुला ने भी पैसे दिए. दोनों लड़कियां कहती थीं कि वो उससे शादी करेंगी. इस दौरान दोनों ने जरूरत पड़ने पर मदद भी मांगी. रवि अभी तक इस बात से अनजान था कि दोनों लड़कियां आईएसआई की एजेंट हैं.
‘ईशा को करीब 40 पत्रों के फोटोग्राफ्स भेजे’
दोनों लड़कियों ने रवि को हुस्न के जाल में फंसाकर उसके विभाग की अहम जानकारी फोटोग्राफ के जरिए लेनी शुरू कर दी. रवि अपने मोबाइल से फोटो लेकर दोनों को वाट्सएप पर भेजता था. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने ईशा को करीब 40 पत्रों के फोटोग्राफ्स भेजे हैं. ईशा से उसकी आखिरी बार 4 अक्टूबर 2022 को बात हुई थी. उसने पत्रों में डिफेंस मिनिस्ट्री की गई गोपनीय जानकारी शेयर कर दी.
ISI के नापाक इरादों को कामयाब करने में लगा था रतन खान
इसी तरह के दूसरे मामले में छठवीं क्लास पढ़ा रतन खान को गिरफ्तार किया गया है. वो आईएसआई के नापाक इरादों को कामयाब करने में लगा हुआ था. पूछताछ में उसने बताया कि वह 1991 से अब तक अपने भाई शेरखान, बहन व अन्य रिश्तेदारों से मिलने के लिए 7 बार पाकिस्तान जा चुका है. मई 2018 में 2 महीने का वीजा लेकर वो पाकिस्तान पहुंचा.
वहां वो मौसी के घर में रुका. इसी दौरान एक होटल में गया. वहां उसकी मुलाकात खलीफा नामक व्यक्ति से हुई. उसने कहा कि हमारे लिये काम करो. इस पर उसने पूछा कि क्या काम करना है. तो उससे कहा गया कि भारत वापस जाकर सेना की गाड़ियों के फोटोग्राफ्स और वीडियो भेजना.
‘सेना की गाड़ियों की तस्वीरें खलीफा को भेजनी शुरू कर दीं’
पाकिस्तान से लौटने के दौरान उसे 20 हजार रुपये देते हुए उस शख्स ने कहा कि चिंता मत करो. भारत जाओ और अपने आस-पास की कुछ फोटो वगैरह भेज देना. वापस आने के बाद उसने बॉर्डर पर आबादी वाले जिलों के बाग, पुल, रेल की पटरी व अन्य जगह की तस्वीरें खलीफा को वाट्सएप पर भेजीं. इसके 5-6 महीने बाद उसने सेना की गाड़ियों की तस्वीरें खलीफा को भेजनी शुरू कर दीं.
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि खलीफा ने वाट्सएप कॉल करके कहा, “मैं आपके लिए पाकिस्तान से एक तोहफा भेज रहा हूं. खलीफा ने एक पाकिस्तानी एजेंट के जरिए सोने की अंगूठी भेजी”. यह सिलसिला यहीं नहीं थमा. इसके बाद आरोपी ने भारतीय कंपनियों के सिम कार्ड से पाकिस्तानी एजेंट्स को सोशल मीडिया का एक्सेस दिलाया.
