मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर ने सीएम सहित 54 विधायकों को नोटिस दिया है, जिसके बाद उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया सामने आई है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा है कि, ‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्पष्ट है। विधानसभा अध्यक्ष को तय दायरे में ही निर्णय लेना चाहिए और अगर वे उस दायरे से बाहर फैसला लेते हैं, तो हम सुप्रीम कोर्ट से न्याय की मांग करेंगे।’ विधानसभा स्पीकर ने शिंदे गुट के साथ ही उद्धव गुट के विधायकों को भी अयोग्यता मामले में नोटिस जारी किया है। स्पीकर की ओर से जिन 54 विधायकों को नोटिस भेजा गया है, उसमें शिंदे गुट के 39, शिवसेना (यूबीटी) के 14 और एक अन्य विधायक का नाम शामिल है।
राहुल नार्वेकर ने दिया एक हफ्ते का समय
महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने अयोग्यता मामले में 54 विधायकों को नोटिस जारी करते हुए हफ्ते भर का समय दिया है। स्पीकर की ओर से कहा गया कि अगर विधायक इस समय सीमा के भीतर जवाब नहीं देते हैं तो मुझे कड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बीते कुछ समय पहले ही विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने इस बारे में इशारा भी किया था। राजभवन में उत्पाद शुल्क मंत्री शंभुराज देसाई के पिता और अनुभवी कांग्रेस नेता बालासाहेब देसाई पर एक पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यहां नार्वेकर ने कहा था कि जल्द ही वह एक क्रांतिकारी निर्णय लेंगे।
इस आधार पर दिया गया नोटिस
सुनील प्रभु ने 21 जून, 2022 को एक व्हिप जारी किया था। मौजूदा सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे समेत सभी शिवसेना विधायकों को उद्धव ठाकरे की बुलाई बैठक में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया। इसे दरकिनार पाए जाने पर प्रभु ने शिंदे और 15 अन्य के खिलाफत पर कहा कि उन्होंने व्हिप का पालन नहीं किया, जो कि संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लंघन है। इसी आधार पर 23 विधायकों को अयोग्यता का एक और नोटिस दिया गया। इस दौरान यह कार्यवाही अध्यक्ष के समक्ष लंबित थी, इसके बावजूद शिंदे गुट ने 14 शिवसेना (यूबीटी) विधायकों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी। फिर भी विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर की ओर से कोई फैसला न आने पर प्रभु ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
