नई दिल्ली,
राजीव गांधी मर्डर केस की दोषी नलिनी श्रीहरन की रिहाई के बाद कातिल बाबा श्रद्धानंद ने देश की सबसे बड़ी अदालत से रिहाई की गुहार लगाई है. 80 साल का श्रद्धानंद अपनी पत्नी शाकिरा खलीली की हत्या के आरोप में 1994 से उम्रकैद की सजा काट रहा है. उसने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई अपनी याचिका में कहा कि जिस तरह राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा किया गया है, उसे भी 29 साल कैद में रहने के बाद अब जेल से रिहा किया जाए. आखिर क्या है शाकिरा के कत्ल का किस्सा और श्रद्धानंद ने कैसे रची थी ये खौफनाक साजिश, आइए जान लेते हैं पूरी कहानी.
कौन थी शाकिरा खलीली?
बात काफी साल पुरानी है. शाकिरा खलीली नाम की वो लड़की बेहद खूबसूरत और स्टाइलिश थी. वो मैसूर राजघराने के दीवान की बेटी और सर मिर्जा इस्मायल की पोती थी. लिहाजा, उसका अंदाज भी राजसी था. कमसिन उम्र में ही उसका रिश्ता तय हो गया था और कुछ साल बाद उसकी शादी एक आईएफएस अफसर अकबर मिर्जा खलीली के साथ हो गई थी. अकबर ऑस्ट्रेलिया में भारत के हाई कमिश्नर रह चुके थे. और एक दमदार शख्सियत के मालिक थे. वक्त जैसे पंख लगा कर उड़ रहा था. उनकी शादी को 25 साल का अरसा बीत गया. दोनों की 4 बेटियां थीं. उनकी जिंदगी खुशहाल तरीके से बीत रही थी.
मुरली पर फिदा हो गई थी शाकिरा
शादी के 25 साल बाद शाकिरा की जिंदगी में उस वक्त अचानक एक नया मोड आ गया, जब उसकी मुलाकात एक पार्टी में मुरली मनोहर मिश्रा नाम के शख्स से हुई. दरअसल, मिश्रा भी राज परिवार के घर में काम करता था. उसे संपत्ति और कर के बारे में अच्छी जानकारी थी. ना जाने उसने शाकिरा पर क्या जादू सा कर दिया था कि वो उस पर फिदा हो गई थी.
एक दूसरे के बेहद करीब आ गए थे शाकिरा-श्रद्धानंद
शाकिरा को हमेशा इस बात का मलाल रहता था कि उसका कोई बेटा नहीं है. उसे चार बेटियां होने के बावजूद एक बेटे की कमी खलने लगी थी. यही वो दौर था, जब मुरली मनोहर मिश्रा ने अध्यात्म का रास्ता अपना लिया था और वो अब स्वामी श्रद्धानंद बन चुका था. ये उसकी नई पहचान थी. शाकिरा भी बेटे की चाहत में उसके पास जा पहुंची. वो अक्सर स्वामी श्रद्धानंद से मिलने जाती थी. वो श्रद्धानंद को पसंद करने लगी थी. मामला केवल एक तरफा नहीं था. मुरली मनोहर उर्फ श्रद्धानंद भी शाकिरा पर मरने लगा था. दोनों के बीच इश्क परवान चढ़ रहा था.
पति को तलाक देकर श्रद्धानंद से की थी शादी
शाकिरा के सिर पर स्वामी श्रद्धानंद के इश्क का खुमार चढ़ कर बोलने लगा था. इसी प्यार में पड़कर शाकिरा खलील ने एक दिन अपने पति अकबर मिर्जा को तलाक देने के फैसला कर लिया. उसने अकबर को तलाक दिया और और साल 1986 में स्वामी श्रद्धानंद के साथ शादी कर ली. यही नहीं शादी के बाद शाकिरा और श्रद्धानंद यानी मुरली मनोहर बेंगलुरु में जाकर रहने लगे थे.
तीन बेटियों ने छोड़ दिया था साथ
शाकिरा और स्वामी श्रद्धानंद की शादी से उसकी बेटियां खुश नहीं थीं. उन्हें ये रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं आया और तीन बेटियों ने अपने पिता के साथ रहने का फैसला किया. जबकि एक बेटी सबा ने अपनी मां के साथ रहने का फैसला किया. सबा को मॉडलिंग करने का शौक था. लिहाजा वो मुंबई जाकर अपना शौक पूरा करना चाहती थी. उसकी मां ने उसे मुंबई भेज दिया. वो कभी-कभी अपनी मां से मिलने के लिए बेंगलुरु आ जाया करती थी.
अचानक गायब हो गई थी शाकिरा
स्वामी श्रद्धानंद और शाकिरा का रिश्ता ठीक चल रहा था. उनकी शादी को करीब पांच साल का वक्त बीत चुका था. लेकिन अचानक एक दिन शाकिरा कहीं लापता हो गई. उसकी बेटी सबा उसे मुंबई से लगातार फोन कर रही थी. उसने स्वामी श्रद्धानंद को भी फोन किया और उससे अपनी मां के बारे में पूछा. लेकिन श्रद्धानंद उससे बहाने बनाने लगा. वो उसे ठीक से कुछ बता नहीं रहा था. इस बात से सबा परेशान थी.
श्रद्धानंद ने बताई थी अमेरिका जाने की बात
शाकिरा से बात ना होने की वजह से सबा बेहद परेशान थी. उसे मां की चिंता होने लगी थी. जब उसे कुछ पता नहीं चला तो वो सीधे मुंबई से बेंगलुरु अपनी मां के घर आ गई. जहां उसे पता चला कि उसकी मां कहीं गायब हो चुकी है. वो इस बात से काफी दुखी थी. सबा और श्रद्धानंद पूरे नौ महीने तक उसे तलाश करते रहे. इसी दौरान एक दिन स्वामी श्रद्धानंद ने सबा को बताया कि उसकी मां का पता चल गया है. वो प्रेग्नेंट है और अमेरिका के रूजवेल्ट हॉस्पिटल जांच के लिए गई है. यह जानकर सबा ने फौरन रूजवेल्ट हॉस्पिटल में संपर्क किया, लेकिन वहां शाकिरा नाम की कोई पेशंट नहीं थी.
