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पाकिस्तान को डबल दर्द दे रही होगी ये तस्वीर, जरा गौर से देखिए पूरी हिस्ट्री समझ में आ जाएगी

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नई दिल्ली

दुनिया के दो देशों के सेना प्रमुखों की मुलाकात। दोनों पड़ोसी। गर्मजोशी से हाथ मिलाने की तस्वीर। और जब ये देश भारत और बांग्लादेश हैं तो पाकिस्तान को ये तस्वीर तो हरगिज अच्छी नहीं लगेगी। लेकिन पाकिस्तान को दोनों सेनाध्यक्षों की गर्मजोशी भरी मुलाकात से भी कहीं ज्यादा मिर्च दीवार पर टंगी उस विशाल तस्वीर से हो रही होगी जो उसके पुराने घाव को हरा कर देती होगी। एक ऐसी तस्वीर जो पाकिस्तान के सीने में खंजर की तरह चुभती है। उसके शर्मनाक सरेंडर की तस्वीर।

बांग्लादेश के आर्मी चीफ एसएम शफीउद्दीन अहमद तीन दिनों के भारत दौरे पर आए हैं। गुरुवार को उन्होंने आर्मी चीफ जनरल मनोज पाण्डे से दिल्ली में मुलाकात की। दोनों सेनाध्यक्ष बहुत ही गर्मजोशी से एक दूसरे से हाथ मिला रहे हैं। पीछे दीवार पर एक विशाल तस्वीर फ्रेम में लगी हुई है। तस्वीर है 1971 को ढाका में भारतीय सेना के सामने पाकिस्तानी सेना के बिना शर्त सरेंडर की। तारीख- 16 दिसंबर, 1971। जगह ढाका का रेस कोर्स मैदान। समय शाम के 4 बजकर 31 मिनट। पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी सरेंडर के दस्तावेज पर दस्तखत कर रहे हैं। बगल में इंडियन आर्मी के तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा बैठे हुए हैं। उस अभूतपूर्व सरेंडर में पाकिस्तान के करीब 93 हजार सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। इसके साथ ही पूर्वी पाकिस्तान एक आजाद मुल्क बांग्लादेश बन गया।

पाकिस्तानी सेना के सरेंडर के करीब एक घंटे बाद दिल्ली में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लोकसभा में ऐलान किया- ढाका अब आजाद बांग्लादेश की आजाद राजधानी है। इसी के साथ दुनिया के नक्शे पर एक नए देश के जन्म का ऐलान हो गया। खास बात ये है कि जनरल नियाजी ने ढाका के जिस रेस कोर्स मैदान में सरेंडर किया, उसी मैदान से कभी शेख मुजीबुर्रहमान ने सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की थी जो आगे चलकर बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई का रूप लिया।

ये भारत की सबसे बड़ी सैन्य जीत की तस्वीर है जिसने एक नया देश पैदा किया। 1971 की जंग ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए। इस जंग में भारत के 3000 जांबाजों ने अपने प्राण न्यौछावर किए जबकि 12000 से ज्यादा सैनिक जख्मी हुए थे। लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। ये तस्वीर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा करने वाली है लेकिन पाकिस्तान को ये नश्तर की तरह चुभती है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस तस्वीर के सामने अगर भारत और बांग्लादेश की सेनाओं के प्रमुख मिल रहे हों तो पाकिस्तान के दिल पर क्या गुजर रही होगी।

 

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