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Wednesday, April 22, 2026
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जल रहा है उत्तराखंड…. बेकाबू जंगल की आग की भेंट चढ़े 4 वनकर्मी, एयर एम्बुलेंस से रेस्क्यू, 3 ऑफिसर सस्पेंड

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अल्मोड़ा

उत्तराखंड के अल्मोड़ा के वन्य क्षेत्र में लगी आग ने तबाही मचाई हुई है। सैकड़ों हेक्टेयर जंगल तबाह हो चुके हैं। जंगल की आग बुझाने गए 4 कर्मचारियों की मृत्यु और कई अन्य लोग घायल हो गए हैं है। बिनसर इलाके में लगी आग कई ज़िंदगियां लील गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते करीब 42 दिनों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद 3 अधिकारियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है।

अल्मोड़ा जिले के रानीखेत बिनसर के जंगल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग में जलकर चार लोगों की मौत हो गई है। वन रेंजर मनोज सनवाल का कहना है कि आज 3 बजे बिनसर में आग लगने की सूचना मिलने पर 8 लोगों की टीम मौके पर गई। तेज हवा के कारण आग ने भयंकर रूप ले लिया, जिसके कारण चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें बेस अस्पताल रेफर किया गया है।

पिछले महीने कई दिनों तक धधके थे उत्तराखंड के जंगल
उत्तराखंड के जंगल पिछले महीने धधक थे, जिनको बुझाने के लिए राज्य सरकार को काफी मेहनत करनी पड़ी थी। अल्मोड़ा, बागेश्वर और नैनीताल के जंगल कई दिनों तक धधकते रहे थे। आग को बुझाने के लिए वायु सेना की भी मदद लेनी पड़ी थी। आग बहुत तेजी से फैल रही थी और स्थानीय स्तर पर काबू नहीं मिल पा रहा था, इसलिए वायु सेना की उत्तराखंड सरकार ने मदद ली थी। उत्तराखंड जिले के विभिन्न जंगलों में आग तेजी से भड़क रही है।

सीएम के निर्देश पर एयर एम्बुलेंस से दिल्ली शिफ्ट
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश के बाद दो एयर एम्बुलेंस से एम्स दिल्ली शिफ्ट किए जाएंगे। घायलों को हल्द्वानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन चारों वन कर्मियों को दो एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स में भर्ती कराने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ी राज्य में प्रकृति के इस सितम के सामने पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर राहत अभियान में शामिल हो रही हैं।

प्रियंका गांधी ने भी वीडियो संग की अपील
कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले कई महीने से उत्तराखंड के जंगल लगातार जल रहे हैं। सैकड़ों हेक्टेयर जंगल तबाह हो चुके हैं। हिमालय क्षेत्र के जंगलों में आग लगने की घटनाओं में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक असर हमारे हिमालय और पर्वतीय पर्यावरण पर हुआ है। मेरी केंद्र और राज्य सरकारों से अपील है कि आग लगने की घटनाओं के रोकने के उपाय हों और हिमालय को बचाने के लिए सबके सहयोग से व्यापक स्तर पर कारगर प्रयास किए जाएं।

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