चंडीगढ़
पंजाब में एक बार फिर आरपीजी अटैक की खबर है। इस बार यह हमला राज्य के तरन तारन में पुलिस थाने पर हुआ है। घटना के बाद पंजाब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पंजाब में पहले मोहाली और अब तरन तारण में आरपीजी अटैक आखिर कौन कर रहा है। इस तरह के हमलों को लेकर राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले में सीएम भगवंत मान ने मोर्चा संभाला है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि यह हमला दुश्मन देश की साजिश है। साथ ही सीएम ने राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बिल्कुल मजबूत है। आइए जानते हैं आखिर ये आरपीजी अटैक होता क्या है?
आरपीजी का क्या मतलब होता है?
आरपीजी का अर्थ है रॉकेट प्रॉपैल्ड ग्रेनेड। आरपीजी को कंधे पर रखे लॉन्चर के जरिये दागा जाता है। इसमें विस्फोटक वॉरहेड से लैस रॉकेट से लॉन्च किया जाता है। इसे टैंक रोधी हथियार के रूप में यूज किया जाता है। अधिकतर एक व्यक्ति इसे कंधे पर लेकर जाता है। बताया जाता है कि रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से अगर टार्गेट पर ठीक से निशाना साधा जाए तो यह किसी भी व्यक्ति, टैंक, हेलिकॉप्टर या विमान को उड़ाया जा सकता है। । एक आरपीजी की रेंज 700 मीटर से ज्यादा होती है।
आम तौर पर सामने से लोड किए जाते हैं
ये हथियार एक रॉकेट मोटर से जुड़े होते हैं जो आरपीजी को लक्ष्य की ओर ले जाते हैं और उन्हें पंखों के साथ उड़ान में स्थिर किया जाता है। कुछ प्रकार के आरपीजी नए रॉकेट-चालित हथगोले के साथ पुनः लोड करने योग्य होते हैं, जबकि अन्य एकल-उपयोग वाले होते हैं, आरपीजी आम तौर पर सामने से लोड किए जाते हैं।
कैसे काम करती है ये तकनीक
लांचर को छोड़ने वाले ग्रेनेड बहुत तेजी से पीजोइलेक्ट्रिक फ्यूज को ट्रिगर करता है। यह प्राइमर को प्रोपेल करता है। यह तब नाइट्रो के स्क्वीब को फायर करता है। जिससे रॉकेट प्रोपल्शन सिस्टम को ग्रेनेड को फायर करने के लिए एक्टिव करता है।
कहां और कितना प्रभावी
हाइ-विस्फोटक एंटी-टैंक (HEAT) वॉरहेड वाले आरपीजी हल्के युद्धक वाहनों से ले जाए जाते हैं। ये बख्तरबंद कारों के खिलाफ बहुत प्रभावी हैं। हालांकि, आधुनिक, भारी-बख्तरबंद वाहन, एडवांस एपीसी और आर्म्ड टैंक आम तौर पर बहुत अच्छी तरह से इक्यूप्ड होते हैं। इसके बावजूद सामान्य तौर पर यह टैंक व अन्य टार्गेट को भेदने में सक्षम होता है।
मोहाली इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हुआ था हमला
इस साल मई में पंजाब के मोहाली में इंटेलिजेंस मुख्यालय पर भी आरपीजी अटैक हुआ था। हमले में हेडक्वार्टर की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 41 में इमारत की खिड़कियां टूट गई थीं। हमले में किसी तरह के जान-माल की क्षति नहीं हुई थी। उस समय आतंकी हमले की साजिश से भी इनकार नहीं किया गया था। हालांकि, मामले में बाद में दिल्ली पुलिस ने इस साल अक्टूबर में एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। नाबालिग यूपी के फैजाबाद का रहने वाला था।
