नीट मामले में एक बड़ी बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नीट पेपर लीक की जांच में पूरी तरह सहयोग नहीं मिल रहा है। NEET Paper Leak मामले की जांच कर रही टीम ने एनटीए से नीट के प्रश्न पत्र मांगे थे। लेकिन National Testing Agency ने अब तक नीट यूजी 2024 क्वेश्चन पेपर की कॉपी नहीं भेजी है। इन्वेस्टिगेटिंग टीम (EOU) का कहना है कि हम तीन बार रिमाइंडर भेज चुके हैं।
ये पूरा सीन कई सवाल उठाता है। क्या एनटीए पेपर लीक जांच से डर गई है? आखिर बार-बार रिमाइंडर के बावजूद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ईओयू को नीट का पेपर क्यों नहीं भेज रही है? अगर कोई गड़बड़ नहीं है, तो फिर एक क्वेश्चन पेपर भेजने में इतना वक्त क्यों लग रहा है?
EOU कर रही है नीट के जले पेपर की जांच
दरअसल 5 मई को नीट यूजी एग्जाम 2024 के बाद जब पेपर लीक को लेकर हंगामा हुआ और जांच शुरू हुई, तो बिहार पुलिस को वहां एक आरोपी के घर कुछ जले हुए कागज मिले थे। लेकिन इसका पता नहीं चल पा रहा था कि वो कागज NEET 2024 Question Paper था या नहीं? अब इसका पता फॉरेंसिक जांच से चल पाएगा। लेकिन उसके लिए नीट का ओरिजिनल और सही सलामत क्वेश्चन पेपर चाहिए।इसी के लिए ईओयू यानी आर्थिक अपराध इकाई एनटीए से नीट के ओरिजिनल क्वेश्चन पेपर मांग रही है। लेकिन मूल प्रति न मिल पाने से जांच अटकी पड़ी है।
NEET Scam: बिहार, गुजरात में पकड़े गए एग्जाम माफिया
अब तक बिहार और गुजरात में पुलिस ने कई लोगों को पकड़ा है। इनसे पूछताछ की जा रही है। Bihar Police की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट ने 6 पोस्ट डेटेड चेक भी बरामद किए हैं। ईओयू के डिप्टी इंस्पेक्टर जेनरल (DIG) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि ये चेक उन परीक्षा माफियाओं के नाम पर हैं। कथित तौर पर नीट का पेपर देने के बदले इन्होंने हर कैंडिडेट से 30-30 लाख रुपये का चेक लिया था। अकाउंट होल्डर्स के नाम और बाकी डिटेल की जांच चल रही है।
