इसलिए न उठाएं सुशांत सिंह राजपूत जैसा कदम

बॉलीवुड के लिए 2020 बुरी तरह की आफत को लेकर आया है। एक ओर जहां इंडस्ट्री टाउन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक मामले हैं तो वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड ने अपने बेहतरीन तीन सितारों को एक के बाद एक लगातार खोया है। बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने आज आत्महत्या कर ली। मिली जानकारी के मुताबिक बताया गया कि सुशांत सिंह राजपूत लंबे समय से डिप्रेशन का शिकार थे।

ऐसे में आपको इस बारे में जरूर जानना चाहिए कि डिप्रेशन आखिर कैसे किसी इंसान को मौत के इतने करीब ले जाता है। नीचे बताई जा रही बातों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपने आस-पास मौजूद लोगों के संपर्क में जरूर रहें जो डिप्रेशन से पीड़ित दिखे।

​करीब 6 महीने से डिप्रेशन का शिकार थे सुशांत
बॉलीवुड के एक्टर सुशांत सिंह राजपूत लंबे समय से डिप्रेशन का शिकार थे। वह पिछले करीब 6 महीने से डिप्रेशन का इलाज करवा रहे थे, ऐसा उनके करीबियों के द्वारा बताया गया है। डिप्रेशन की चपेट में इंसान कई कारणों से आ सकता है। सुशांत के फ्लैट से कई ऐसी दवाएं मिली हैं जो इस बात का इशारा करती हैं कि सुशांत लंबे समय से डिप्रेशन का शिकार थे और वह इसके इलाज के लिए भी दवाओं पर निर्भर थे। इन सबके अलावा हमें यह जानना जरूरी है कि आखिर डिप्रेशन का कारण क्या होता है?

​क्या होता है डिप्रेशन का कारण
डिप्रेशन के अलग-अलग कारण होते हैं । मुख्य रूप से देखा जाए तो इन कारणों में घरेलू अनबन, करियर की टेंशन, पढ़ाई की टेंशन सक्सेस ना मिलने की टेंशन, लव लाइफ में उथल-पुथल, ऑफिस का दबाव और कभी-कभी अपने बारे में गलत अफवाह और कानाफूसी के चलते भी इंसान डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। कभी-कभी इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं जो केवल पीड़ित इंसान ही बता सकता है।

​मौत के करीब कैसे ले जाता है डिप्रेशन
डिप्रेशन में जाने के बाद इंसान अकेले रहना शुरू कर देता है और उसे लोगों से अपनी समस्याओं को बताने में भी हिचकिचाहट होने लगती है। कुछ लोगों के साथ यह भी समस्या है कि उनके आस-पास या करीबी अपने साथ रहने वाले की परेशानी और स्थिति को समझ ही नहीं पाते और इंसान इस वजह से भी ज्यादा टूट जाता है। यह बातें धीरे-धीरे दिमाग पर इतनी हावी हो जाती हैं कि डिप्रेशन से जूझ रहे व्यक्ति को इस दुनिया में जीना अच्छा नहीं लगता है।

​डिप्रेशन के बाद क्या करना चाहिए?
कई सारे लोग ऐसे भी होते हैं जो डिप्रेशन में जाने के बाद काउंसलर या फिर मनोचिकित्सक की सलाह लेकर डिप्रेशन से बाहर आ जाते हैं। आप भी किसी ऐसी बात के कारण डिप्रेशन में हैं तो गूगल पर आपको कई सारे ऐसे हेल्पलाइन नंबर मिल जाएंगे जो आपकी मदद के लिए 24 घंटे तैयार रहते हैं।

इसके अलावा आप डिप्रेशन से जूझ रहे हैं तो अपने आस-पास मौजूद लोगों से अपनी परेशानी के बारे में बताएं और जितना ज्यादा हो सके लोगों के साथ अपना वक्त बिताएं। अगर आप किसी ऐसे शहर में हैं जहां पर आप किसी को नहीं जानते या फिर अपनी परेशानी किसी से नहीं शेयर कर सकते तो अपने किसी करीबी को बिना झिझक कॉल करें और उनसे अपनी परेशानी बताएं।

​सुसाइड का ख्याल आए तो क्या करें
कभी-कभी डिप्रेशन का स्तर इंसान को इतनी बुरी तरह से तोड़ देता है कि वह जिंदगी को खत्म करने का फैसला ले लेता है। सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। हालांकि, जिन लोगों के मन में ऐसे बुरे विचार आएं उन्हें तुरंत इस ख्याल को छोड़कर इस बारे में सोचना चाहिए कि उनके चाहने वाले और लोग भी हैं।

आत्महत्या किसी भी समस्या का हल नहीं है बल्कि आप इसके कारण कई लोगों को परेशानी और दुःख का कारण भी दे जाते हैं। इस बुरे ख्याल से बचें और तुरंत अपने मन को किसी और बातों में उलझाएं। संभव हो तो खुली जगह में जाएं या फिर किसी अच्छी मूवी या टीवी शो को देखें। जरूरत महसूस होने पर गूगल पर मौजूद हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत कॉल करें। जितना हो सके लोगों के बीच रहें और बंद जगह में जाने से बचें।

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