भारत की दो टूक, चीन-PAK की सेना के साथ रूस में नहीं करेंगे युद्धाभ्यास

नई दिल्ली,

भारत ने अगले महीने से रूस में शुरू होने वाले युद्धाभ्यास में अपनी सेनाओं की टुकड़ी भेजने से मना कर दिया है. भारत ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बहुराष्ट्रीय कावकाज युद्धाभ्यास में पाकिस्तान और चीन की सेना भी शामिल होगी. इनकी सेनाओं के साथ बॉर्डर पर हमारा तनाव चल रहा है. ऐसे में इनके साथ युद्धाभ्यास करने का सवाल ही नहीं उठता है. दक्षिणी रूस के अस्त्राखन इलाके में 15 सितंबर से 26 सितंबर तक चलने वाले इस मेगा वॉर गेम में भारत से आर्मी के करीब 150, एयर फोर्स के 45 और नेवी के कुछ अधिकारी हिस्सा लेने वाले थे.

वरिष्ठ सरकारी सूत्रों ने आजतक से बात करते हुए कहा, ‘साउथ ब्लॉक में हाल ही में एक बैठक हुई थी. इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. इस दौरान यह तय किया गया है कि युद्धाभ्यास के लिए रूस द्वारा भेजा गया निमंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा.’

सूत्र के मुताबिक पहले वहां जाने की तैयारी चल रही थी. इन्फेंट्री बटालियन को वहां भेजे जाने के लिए तैयार किया जा रहा था. लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह तय किया गया है कि चीन के साथ सामान्य दिनों की तरह काम नहीं किया जा सकता है. इसलिए रूस में आयोजित होने वाले वॉर गेम में भारतीय सेना भाग नहीं लेगी. क्योंकि ऐसा करने से विश्व समुदाय के बीच भी गलत संदेश जाएगा.

सूत्रों के मुताबिक चीन इस सैन्य अभ्यास के लिए अपनी नौसेना के तीन जहाजों और सेना की एक टुकड़ी को वहां दिखावे के लिए भेजेगा. जाहिर है भारत और चीनी सेनाओं के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तीन महीने से ज्यादा लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है. बातचीत के कई स्तरों के बावजूद लद्दाख में तनाव कम करने में सफलता नहीं मिली है और गतिरोध जारी है.15 जून को गलवान घाटी में बिना हथियारों के इस्तेमाल के भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई झड़पें हुई थीं जिसमें कई भारतीय जवानों की मौत हो गई थी. जबकि चीन ने अपने मृत सैनिकों की संख्या सार्वजनिक नहीं की थी.

इस युद्धाभ्यास में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों- (भारत के अलावा) चीन, पाकिस्तान, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के अलावा 11 अन्य देश हिस्सा लेने वाले थे. ड्रिल में शामिल अन्य राष्ट्रों में मंगोलिया, सीरिया, ईरान, मिस्र, बेलारूस, तुर्की, आर्मेनिया, अबकाज़िया, दक्षिण ओसेतिया, अजरबैजान और तुर्कमेनिस्तान हैं. यह अभ्यास दक्षिण रूस के अस्त्रखान क्षेत्र में 15 से 26 सितंबर के बीच आयोजित होना है.

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