सोनिया-राहुल में पूरा भरोसा, पत्र का ‘गलत मतलब’ निकाला गया: जितिन प्रसाद

नई दिल्ली/लखनऊ

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को लेटर लिखने वाले पार्टी के 23 नेताओं में शुमार जितिन प्रसाद ने शनिवार को कहा है कि लेटर का ‘गलत मतलब’ निकाला गया। जितिन ने कहा कि पार्टी नेतृत्व में उनकी पूरी आस्था है और यह पत्र नेतृत्व में बदलाव के मकसद से नहीं बल्कि पार्टी को फिर से मजबूती से खड़ा करने के लिए सलाह देने के उद्देश्य से लिखा गया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लेटर पर साइन करने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘यह पत्र नेतृत्व में बदलाव के मकसद से नहीं लिखा गया था। इसका एकमात्र मकसद पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए सलाह देने के लिए लिखा गया था। इसका मसकद आत्मावलोकन कर संगठन के प्रति प्रेरित करना था। इसका मसकद नेतृत्व को कमजोर करना नहीं था। मैंने कांग्रेस वर्किंग कमिटि की बैठक में भी यह बात रखी थी।’

कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस पत्र को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना लगाने के मकसद से लिखा गया करार दिया। 46 वर्षीय जितिन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, ‘सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में मुझे पूरा भरोसा है। उन्हें भी मुझमें पूर्ण विश्वास है।’ वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्‍बल ने जितिन के खिलाफ हुए प्रदर्शन पर अफसोस जाहिर करते हुए कांग्रेस पार्टी को नसीहत दिया था।

सोनिया को लेटर भेजने वालों मे जितिन भी थे
हाल ही में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने सोनिया गांधी को लेटर लिखकर संगठन में बदलाव की मांग की थी। इन नेताओं में जितिन प्रसाद का भी नाम शामिल है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकारिणी (CWC) की बैठक में राहुल गांधी ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वाले नेताओं के खिलाफ तल्ख टिप्पणी की थी और इसे बीजेपी की साजिश तक बता दिया था।

लखीमपुर में हुआ था विरोध प्रदर्शन
बुधवार को यूपी के लखीमपुर खीरी में जितिन प्रसाद के खिलाफ कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। लखीमपुर खीरी जिला कांग्रेस कमिटी ने जितिन प्रसाद पर पार्टी विरोधी गतिविधियों मे शामिल होने का आरोप लगाते हुए मांग की कि उन्‍हें पार्टी से निकाल दिया जाए। इस बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला और नगर अध्‍यक्ष की मौजूदगी में मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

प्रदर्शन को बताया गुटबाजी का नतीजा
लखीमपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर जितिन ने इसे स्थानीय स्तर पर कांग्रेस नेताओं के बीच आपसी गुटबाजी का नतीजा करार दिया। उन्होंने कहा, ‘लोकतांत्रिक पार्टी में ऐसे मामले होते हैं और सभी लोग कांग्रेस परिवार के सदस्य हैं। किसी के प्रति मेरे मन में ईर्ष्या की भावना नहीं है।’

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