राजनाथ से बात करने होटल तक पहुंच गए थे चीनी रक्षा मंत्री

नई दिल्ली,

मॉस्को में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री के बीच मुलाकात चीनी प्रशासन के अनुरोध पर हुई है. सूत्रों के मुताबिक चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंघे ने ही राजनाथ सिंह से मुलाकात को लेकर उत्सुकता दिखाई. दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत हो सके इसके लिए चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंघे उस होटल तक पहुंच गए जहां पर राजनाथ सिंह बातचीत के लिए ठहरे थे. दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच ये बैठक दो घंटे से ज्यादा चली. सूत्र बताते हैं कि बैठक लंबी चलने की वजह ये रही कि रक्षा मंत्री ने चीन की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों का जवाब दिया और उनके झूठे दावों का पर्दाफाश कर दिया.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विस्तार से चीन के सवालों का जवाब दिया और विवाद के सभी मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी. साथ उन्होंने ही यह भी कहा कि भारत अपने हक की एक इंच जमीन भी छोड़ने को तैयार नहीं है और इसकी हर कीमत पर रक्षा की जाएगी. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत बॉर्डर मैनेजमेंट की जिम्मेदारी को समझता है, लेकिन अपने देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमारे संकल्प को किसी भी तरह के संदेह से नहीं देखा जाना चाहिए.

बातचीत के लिए चीनी रक्षा मंत्री की बातचीत की जरूरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों नेता जब टेबल पर बैठे तो इस दौरान वेई फेंघे ने कहा कि वे पिछले 80 दिनों में 3 बार बातचीत का अनुरोध कर चुके हैं. पिछले सप्ताह रणनीतिक महत्व के चोटियों पर भारत की पकड़ मजबूत बना लेने के बाद चीन के सामने बातचीत की टेबल पर आना उसकी मजबूरी बन गई थी.

इन मुद्दों पर हुई बातचीत
बता दें कि रूस की राजधानी मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन से इतर शुक्रवार यानी 4 सितंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंघे से बातचीत की. ये मुलाकात तकरीबन 2 घंटे 20 मिनट तक चली. इस मीटिंग में भारत और चीन के हालिया टकराव, पैंगोंग झील इलाके से चीनी सेना की वापसी समेत बॉर्डर पर हालात को सामान्य करने के मुद्दे पर बातचीत हुई.

बीजेपी सांसद ने उठाए सवाल
एक ओर जहां राजनाथ सिंह से मुलाकात करने को लेकर चीनी रक्षा मंत्री ने उत्सुकता दिखाई तो वहीं बीजेपी सांसद ने मुलाकात पर ही सवाल उठा दिए हैं. बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने वेई फेंघे से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात को भारी गलती करार दिया है. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि हमारे रक्षा मंत्री को चीनी रक्षा मंत्री से मिलने का फैसला अकेले नहीं करना चाहिए था. बीजेपी सांसद ने कहा है कि ये सामूहिक फैसला होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि ये भारी गलती है.

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