भारत-चीन तनाव: बॉर्डर पर गर्मी बरकरार, पीछे हटने को तैयार नहीं सेनाएं

नई दिल्‍ली

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव कम करने को लेकर ताजा सहमति के बावजूद टकराव बरकरार है। विदेश मंत्रियों की बातचीत में बॉर्डर से धीरे-धीरे सैनिकों की संख्‍या कम करने पर आम राय बनी है। लेकिन सीमा पर दोनों सेनाएं आमने-सामने की स्थिति में हैं। विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद, दोनों देशों के बीच छठे दौर की टॉप मिलिट्री लेवल बातचीत भी होनी है। हालांकि दोनों सेनाएं एक-दूसरे पर जरा भी भरोसा करने की हालत में नहीं हैं। कूटनीतिक तरीके से जिन बातों पर रजामंदी हुई, धरातल पर वो कितना उतर पाती हैं, ये देखना अहम होगा।

लद्दाख सीमा पर तनाव की स्थिति बरकरार
पिछले दो दिन में चीन की सेना ने कोई हरकत नहीं की है लेकिन भारत को उसपर जरा भी भरोसा नहीं। पैंगोंग त्‍सो-चुशूल इलाके में दोनों ओर से हजारों सैनिक टैंक और हॉवित्‍जर्स के साथ कुछ सौ मीटर की दूरी पर मौजूद हैं। इसके अलावा भी लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) पर कई जगह दोनों सेनाएं एक-दूसरे से महज कुछ किलेामीटर की दूरी पर हैं। शुकवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी एलएसी पर ताजा हालात के बारे में चर्चा की।

2 अगस्‍त के बाद से नहीं मिले कोर कमांडर
दोनों देशों के कोर कमांडर्स के बीच आखिरी बातचीत 2 अगस्‍त को हुई थी। भारत की ओर से 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन की ओर दक्षिणी जिनझियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्‍ट चीफ मेजर जनरल लियु लिन बातचीत करते हैं। भारत में 2 अगस्‍त के बाद से ब्रिगेडियर और कर्नल लेवल पर चीन से बात जारी रखी है। सेना के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “यह देखना है कि कूटनीतिक तरीके से जो सहमति बनी है, वह जमीनी हकीकत में तब्‍दील होती है या नहीं। मिलिट्री कमांडर्स के बीच बातचीत तभी असर करेगी जब पीएलए को ऊपर से डिसएंगेज करने के आदेश आएं।”

PLA को शी जिनपिंग के इशारे का इंतजार
पीएलए ने जैसी हरकतें की हैं, उससे लगता नहीं कि वह अप्रैल से पहले वाली स्थिति बहाल करने के मूड में है। उसका अगला कदम इस बात पर निर्भर करेगा कि चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग क्‍या निर्देश देते हैं। एक सैन्‍य अधिकारी के अनुसार, ‘पीएलए ने अप्रैल-मई में जिस तरह सुनियोजित ढंग से घुसपैठ की कोशिश की, एलएसी के पास भारी मात्रा में सैनिक जुटाए, और अभी का सैन्‍य तनाव और आक्रामक रुख, यह सब चीन में टॉप लीडरशिप के इशारों पर हो रहा है।’

अब जैसे को तैसा स्‍टाइल में जवाब दे रहा भारत
भारत को यह समझ आ गया है कि चीन इतनी आसानी से पीछे नहीं हटने वाला। पैंगोंग झील के फिंगर एरियाज में किलेबंदी करके उसने इरादे साफ जाहिर कर दिए। चीन कहना कुछ और है, करता कुछ और है। 29 अगस्‍त की सुबह हॉटलाइन पर चीन ने कहा कि दोनों सेनाओं को रात में पैट्रोलिंग या पहाड़‍ियों पर चढ़ाई नहीं करनी चाहिए। मगर सेना के एक अधिकारी के अनुसार, ”पीएलए ने शाम को ठीक इसका उल्‍टा किया।” भारतीय जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए झील के दक्षिणी तट पर खाली पड़ी चोटियां कब्‍जा लीं और चीन के मंसूबे नाकाम कर दिए। सेना ने झील के उत्‍तरी किनारे पर फिंगर 4 की रिजलाइन पर नजर रखने वाली पहाड़‍ियों पर भी पैठ बना ली है। इसी के बाद से चीन बौखलाया हुआ है।

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