US ने उड़ाया छठी पीढ़ी का जानलेवा और सबसे तेज लड़ाकू विमान

चीन के साथ तनाव के बीच अमेरिका ने दुनिया का सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान बना लिया है. हाल ही इसकी फुलस्केल उड़ान भी कराई गई. जिसे देख लोग दंग रह गए. छठी पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान को दुनिया का सबसे तेज, जानलेवा, खुफिया और ताकतवर फाइटर जेट कहा जा रहा है. यह पांचवीं पीढ़ी के एफ-22 फाइटर जेट का ज्यादा अत्याधुनिक मॉडल है. इसमें ड्रोन और लेजर हथियार भी लगे हैं. जो अब तक किसी फाइटर जेट में नहीं थे.

इस विमान का फिलहाल कोई नाम नहीं रखा गया है. अगर रखा गया भी होगा तो उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है. हालांकि, इसे नेक्स्ट जेनरेशन एयर डॉमिनेंस (NGAD) लड़ाकू विमान कह रहे हैं. यह खबर डिफेंस न्यूज नाम की मीडिया संस्थान ने ब्रेक की है. इस संस्थान ने दावा किया है कि यह दुनिया का सबसे खतरनाक और तेज फाइटर जेट है. इसके अलावा इसे रोकने या इस पर निशाना लगाना भी बहुत मुश्किल है.

अमेरिकी वायुसेना ने अभी तक इस विमान को लेकर किसी तरह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. लेकिन रक्षा एक्सपर्ट इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि अमेरिका ने यह खतरनाक फाइटर जेट बना लिया है. यह बेहद एडवांस्ड एविएशन टेक्नोलॉजी है. यह जब युद्ध के मैदान में उतरेगा तो इतिहास बदल कर रख देगा. डिफेंस एक्सपर्ट ये मान रहे हैं कि इसकी वजह से चीन से चल रहे तनाव में अमेरिका को रणनीतिक लाभ मिलेगा.

ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिका ने पांचवीं पीढ़ी के अपने सबसे खतरनाक फाइटर जेट F-22 को अपग्रेड करके एकदम नए अवतार में पेश किया है. बताया जा रहा है कि इस विमान की टेक्नोलॉजी बहुत ज्यादा जटिल है. NGAD प्रोग्राम की कुल लागतत करीब 8 बिलियन डॉलर है. यानी 58,906 करोड़ रुपये. इस प्रोग्राम को फिलहाल 2025 तक चलाने की योजना है.

सबसे हैरानी वाली बात ये है कि इस विमान में ड्रोन और लेजर हथियार भी हैं. यानी ड्रोन के जरिए हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल को चकमा दिया जा सकता है. वहीं लेजर हथियार से दुश्मन के किसी भी टारगेट को खत्म किया जा सकता है. ये ड्रोन खुद में भी एक हमलावर होंगे जो किसी भी छिपे हुए दुश्मन को खोजकर उसे मार देंगे.

इस लड़ाकू विमान में लगे लेजर हथियार दुश्मन के विमानों को मार गिराने के लिए होंगे. लेजर का एक मामूली सा स्पर्श भी दुश्मन विमान के चीथड़े उड़ा देगा. साथ ही यह हवा में आती हुई दुश्मन मिसाइल को भी मार गिराएगा. इस विमान में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence – AI) का भी बहुत ज्यादा उपयोग हुआ है.

जंग के मैदान या ऑपरेशन के दौरान AI कमांड सेंटर, सैटेलाइट्स और संचार को संभालने का काम करेगा. इसके अलावा युद्ध के मैदान की पूरी जानकारी कलेक्ट करेगा. इतना तो तय है कि छठी पीढ़ी का यह विमान पांचवीं पीढ़ी से ज्यादा खतरनाक होगा. जब F-22 चलते हुए टारगेट को 40 किलोमीटर दूर से मार सकता है तो छठी पीढ़ी का विमान क्या करेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

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