राज्यसभा में पास हुआ कृषि बिल, सरकार ने विपक्ष पर लगाया लोकतंत्र की हत्या का आरोप

नई दिल्ली

विपक्षी सांसदों के जोरदार हंगामे के बीच राज्‍यसभा ने भी कृषि विधेयकों (Agriculture Bill 2020) को पारित किया गया उसके बाद ध्वनि मत से बिल राज्यसभा में भी पास हो गया। दोनों सदनों से बिल पास हो जाने के बाद केंद्र सरकार विपक्ष पर हमलावर को गई है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष पर कड़ा हमला किया।

भाजपा का हमला
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, ‘जो पार्टियां बार-बार सभ्यता की बात करती हैं उन्होंने सभ्यता को ताक में रख कर जिस तरीके का कार्य किया है ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और निंदनीय है। चेयरमैन साहब इसका नोट लेंगे और इस पर एक्शन भी लेंगे।’ नड्डा ने आगे कहा कि 70 साल से जिस तरीके से किसानों के साथ अन्याय हो रहा था, शोषण हो रहा था, उनको आजादी दिलाने का काम सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया है।

कांग्रेस को प्रजातंत्र पर विश्वास नहीं- नड्डा
नड्डा ने आगे कहा कि राज्यसभा में जो भी हुआ (विपक्ष द्वारा हंगामा) मैं उसकी निंदा करता हूं। जो पार्टियां किसान विरोधी हैं उन्होंने आज इस तरह का प्रयास करके प्रजातंत्र पर बहुत बड़ा कुठाराघात किया है। उनको प्रजातंत्र पर भी विश्वास नहीं है इसलिए उन्होंने इस तरह से प्रयास किया था। राज्यसभा में विपक्ष द्वारा हंगामा करने पर केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्ष ने लोकतंत्र की हत्या की। हम इसकी निंदा करते हैं। ये सोनिया गांधी, राहुल गांधी और ममता बनर्जी की पार्टी सोचती है कि ये बादशाह हैं।

राजनाथ सिंह का बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि आज राज्यसभा में दो ऐतिहासिक कृषि विधेयकों के पारित होने के साथ, भारत ने ‘आत्मनिर्भर कृषि’ की मजबूत नींव रखी है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि राज्यसभा में चर्चा ठीक हो रही थी, बिल बहुमत से पास होने वाले थे। जब कांग्रेस को लगा कि वो बहुमत में नहीं है तो वो गुंडागर्दी पर उतर आए। आज कांग्रेस ने आपातकाल के बाद फिर एक बार ये सिद्ध कर दिया कि इस कांग्रेस का भी लोकतंत्र और प्रजातंत्र पर भरोसा नहीं है।

राज्यसभा में बिल पास
कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 तथा कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी मिली है। ध्‍वनिमत से पारित होने से पहले इन विधेयकों पर सदन में खूब हंगामा हुआ। नारेबाजी करते हुए सांसद वेल तक पहुंच गए। कोविड-19 के खतरे को भुलाते हुए धक्‍का-मुक्‍की भी हुई। विपक्ष ने इसे ‘काला दिन’ बताया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि यह ‘लोकतंत्र की हत्‍या’ है।

विपक्ष का हंगामा
राज्‍यसभा में हंगामे के बीच बिल पास होने को लेकर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि “बाहुबली मोदी सरकार ने जबरन किसान बिल को पास कराया है। इससे ज्यादा काला दिन कुछ हो नहीं सकता। देश का किसान मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगा।” वहीं डेरेक ओ’ ब्रायन ने कहा क‍ि “उन्‍होंने (सरकार) धोखेबाजी की। उन्‍होंने संसद में हर नियम तोड़ा। यह ऐतिहासिक दिन था, सबसे बुरे लिहाज से। उन्‍होंने राज्‍यसभा टीवी की फीड काट दी ताकि देश देख न सके। उन्‍होंने RSTV को सेंसर कर दिया। हमारे पास सबूत हैं।” उन्‍होंने राज्‍यसभा से बाहर निकलते ही ट्विटर पर वीडियो पोस्‍ट किया।

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