तीसरी लहर की चपेट में आए बच्चों में क्या होंगे कोरोना के लक्षण? जान लीजिए ये गाइडलाइंस

गाजियाबाद

कोरोना की तीसरी लहर के लिए यूपी में गाजियाबाद शासन ने बुधवार को गाइडलाइंस जारी कर दी। बच्चों पर पड़ने वाले इसके प्रभाव का अनुमान लगाकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सीएमओ ने इसकी पुष्टि की है। तीसरी लहर में कई दवाओं पर रोक रहेगी। गंभीर हालत में ही बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।

गाइडलाइंस के अनुसार, सामान्य लक्षण होने पर डॉक्टर की निगरानी में घर में ही इलाज होगा। उल्टी, दस्त, खराश और हल्का बुखार सामान्य लक्षण बताया गया है। कुछ मामलों में मल्टी सिस्टम इंफ्लामेंट्री सिंड्रोम की भी शिकायत हो सकती है।

इसके मुत‍ाबिक, कोरोना संक्रमित अधिकांश बच्चे लक्षण विहीन हो सकते हैं। लूज मोशन, हल्का बुखार, गले में खराश, उल्टी होना या पेट में दर्द जैसे लक्षण होने का अनुमान है। कुछ केस में मल्टी सिस्टम इंफ्लामेंट्री सिंड्रोम की भी शिकायत हो सकती है। बच्चों को रेमडिसिविर, आइवरमेक्टिन, फैवीपिराविर और स्टेरॉइड जैसी दवाओं को देने से मना किया गया है।

गंभीर हालात होने पर ही अस्‍पताल जाएं
जिन बच्चों का ऑक्सिजन लेवल 90 से कम आता है, उन्हें गंभीर निमोनिया, एक्यूट रिसपाइटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, सैप्टिक शॉक, मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम जैसी बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे मरीजों को फौरन किसी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आईसीयू वॉर्ड में शिफ्ट कराया जाएगा। कुछ मामलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के बाद स्टेरॉइड दी जा सकेगी।

स्टूल टेस्ट से होगी कोरोना की पुष्टि
कुछ बच्चे सामान्य पेट दर्द, बुखार, उल्टी और दस्त के भी आ सकते हैं। शुरुआत में इनका भी इलाज कोविड प्रोटोकॉल के तहत होगा। इस दौरान ही इनके स्टूल की जांच कराई जाएगी। उसमें कोरोना की पुष्टि हुई या नहीं, इसके आधार पर आगे का इलाज किया जाएगा।

ज्यादातर में होंगे ऐसे लक्षण
ज्यादातर बच्चे लक्षण विहीन या हल्के-फुल्के लक्षण वाले होंगे। बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकावट, सूंधने व स्वाद की क्षमता में कमी आना, नाक बहना, मांसपेशियों में तकलीफ, गले में खराश कुछ बच्चों में दस्त आना, उल्टी होना, पेट दर्द होना सामान्य लक्षण होंगे। ऐसे बच्चों में 38 डिग्री सेंटीग्रेट तक बुखार हो सकता है।

क्या है मल्टी सिस्टम इंफ्लामेंट्री सिंड्रोम?
मल्टी सिस्टम इंफ्लामेंट्री सिंड्रोम में शरीर में जहरीले तत्व उत्पन्न होने लगते हैं। कुछ ही वक्त में ये पूरे शरीर में फैल जाते हैं। इसका असर महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। एक साथ कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं और बच्चों की जान भी जा सकती है। इसमें हाथ और पैर पर लाल चकत्ते निकला, सूजन आना और पेट में दर्द के लक्षण दिख सकते हैं।

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