वाईएसआर कांग्रेस के सांसद को राजद्रोह मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने वाईएसआर कांग्रेस नेता व सांसद के. आर. के. राजू को राजद्रोह मामले में जमानत दे दी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विनीत सरण और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने कहा कि पहली नजर मे हमारा मत है कि पुलिस कस्टडी में राजू के साथ ठीक व्यवहार नहीं हुआ।

राजद्रोह के आरोप में किया था गिरफ्तार
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद के. आर.के. राजू को आर्मी अस्पताल सिकंदराबाद में मेडिकल परीक्षण करने का सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित किया था। मेडिकल ग्राउंड पर राजू ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत की मांग की है। आंध्र प्रदेश के पुलिस की सीआईडी ब्रांच ने राजू को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद राजू ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

कोर्ट ने सशर्त दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजू के खिलाफ जो आरोप है उसमें हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। इस मामले में जो अर्जी है उसे व्यापक तौर पर देखने और याचिकाकर्ता की जो स्वास्थ्य की स्थिति है उसे देखने के बाद ये फिट केस है जिसमें याचिकाकर्ता को जमानत दी जाए। याचिकाकर्ता पहले हार्ट सर्जरी से भी गुजर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत पर छूटने के बाद राजू छानबीन में सहयोग करेंगे और जब भी जांच अधिकारी बुलाएंगे वह उनके सामने पेश होंगे। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वह इस केस से सबंधित कोई इंटरव्यू नहीं देंगे।

मेडिकल के आधार पर मिली जमानत
अदालत ने कहा कि राजू एक लाख रुपये की जमानत राशि और दो जमानती पेश करेंगे। ट्रायल कोर्ट के सामने 10 दिनों के भीतर जमानती पेश करने होंगे और साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह जमानत के दौरान छानबीन में दखल नहीं देंगे और न ही गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में राजू की मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई जिसमें कहा गया कि उनके पैर के अंगूठे में इंजूरी है और अन्य इंजूरी भी है। उनके वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि इसका मतलब ये है कि प्रताड़ना का जो आरोप है वह साबित हो रहा है। अगर ये किसी मौजूदा सांसद के साथ हो सकता है तो किसी आम आदमी के साथ भी हो सकता है। ऐसे में राजू को तुरंत जमानत दी जानी चाहिए।

पिछले साल राजू का ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने राजद्रोह के मामले में जमानत देने से मना किया था जिससके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के 15 मई के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट में राजू की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी पेश हुए और कहा कि अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए। उनके क्लाइंट का मेडिकल एग्जामिनेशन किसी स्वतंत्र व प्राइवेट अस्पताल द्वारा किया जाना चाहिए। पिछले साल राजू का ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है। इसी कारण मैजिस्ट्रेट ने उनके मेडिकल चेकअप का आदेश दिया था। साथ ही दलील दी गई कि राजू ने कभी भी हिंसा फैलाने और उकसावे वाली कार्रवाई नहीं की कि देशद्रोह का केस दर्ज किया जा सके।

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