टेस्ट में कम चांस से युवी नाराज, कहा- 7 साल 12वां खिलाड़ी रहा

नई दिल्ली,

पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने टीम इंडिया को कई मैचों में जीत दिलाई है. उनकी गिनती भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर में होती है. युवराज 2007 टी20 वर्ल्ड और 2011 वर्ल्ड कप की टीम का हिस्सा रहे हैं. टीम इंडिया को चैम्पियन बनाने में युवराज का बड़ा रोल था.

युवराज ने 17 साल के क्रिकेट करियर में 304 वनडे मैच और 58 टी20आई मैच खेले. उन्होंने वनडे में 8701 रन और टी20आई में 1177 रन बनाए. वनडे और टी20 के दिग्गज खिलाड़ी रहे युवराज को टेस्ट में खेलने का मौका कम मिला. 39 वर्षीय युवराज ने 2003 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और आखिरी टेस्ट मैच उन्होंने 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था. युवराज ने 40 टेस्ट मैचों में 1900 रन बनाए और 9 विकेट झटके. टेस्ट मैच में कम मौका मिलने का दर्द युवराज को आज भी है. उनका हालिया ट्वीट इस ओर इशारा कर रहा है.

दरअसल, ‘विजडन इंडिया’ ने युवराज सिंह की फोटो ट्वीट करते हुए फैन्स से सवाल किया कि वे उस खिलाड़ी का नाम बताएं, जो उनकी नजर में और अधिक टेस्ट मैच खेल सकता था. विजडन के इस ट्वीट पर युवराज सिंह की नजर पड़ी और उन्होंने जवाब भी दिया. युवराज ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को निशाने पर लिया. विजडन के ट्वीट का जवाब देते हुए युवराज ने लिखा, ‘शायद अगले जन्‍म में ऐसा हो, जब मैं सात साल तक 12वां खिलाड़ी न बनूं.’

युवराज जिस वक्त टीम इंडिया का हिस्सा थे उस वक्त टेस्ट टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ी थे. जिस वक्त ये सारे खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए खेल रहे थे उसे भारतीय क्रिकेट का गोल्डन एरा कहा जाता है. युवराज भाग्यशाली थे कि उन्हें इन खिलाड़ियों के दौर में टीम के लिए खेलने का मौका मिला.

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