एलियंस का आतंक? VIDEO में दिखे US नेवी शिप के पास मंडराते 14 UFO

नई दिल्ली,

वैज्ञानिक जिन दूसरे ग्रहों से आने वाले प्राणियों यानि एलियन का दशकों से इंतजार कर रहे थे, वो समय क्या नजदीक आ गया है? क्या ये मेहमान पृथ्वी वालों से टेक्नोलॉजी में बहुत आगे हैं. क्या ये बेहद खतरनाक हैं? कई ऐसे सवाल अब उठना लाजमी हो गए हैं, जब दो साल पहले का प्रशांत महासागर में रहस्यमयी यूएफओ को लेकर वीडियो जारी हुआ है. Daily Mail.com को खोजी फिल्ममेकर जेरेमी कोरबेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वीडियो में यूएस नेवी की रडार में एक साथ 14 यूएफओ के कैप्चर किया गया.

इस महीने की शुरुआत में फिल्म निर्माता जेरेमी कोरबेल ने फुटेज जारी किया था, जिसमें समुद्र के ऊपर हवा में एक गोलाकार वस्तु तैरती दिखाई देती है, जिसे यूएफओ कहा जा रहा है. ऐसी ही रहस्यमयी वस्तु जुलाई 2019 में ओमाहा में अमेरिकी नौसेना के नाविकों द्वारा देखी गई थी. इसके बाद कोरबेल ने गुरुवार को इसी घटना का एक और वीडियो जारी किया, इस वीडियो क्लिप में ओमाहा पर नौसेनिकों द्वारा देखे जा रहे सैन्य रडार को दिखाया गया है.

अमेरिकन न्यूज वेबसाइट मिस्ट्री वायर के मुताबिक यूएस नेवी वॉरशिप को 14 यूएफओ ने एक गोले की तरह चारों तरफ से घेर कर रखा था. यूएस नेवी के अधिकारी दो अलग-अलग रडार सिस्टम से यूएफओ की स्पीड को चेक कर रहे थे. रडार में एक यूएफओ की स्पीड 138 नॉट यानि 158 मील प्रति घंटे की रफ्तार मापी गई, जिसे देखकर यूएस नेवी का जवान कहता है होली.. इनकी स्पीड तो काफी ज्यादा है. फिर वो सैनिक कहता है अरे ये फिर से मुड़ गया है.

इस वीडियो को लेकर फिल्म मेकर कॉरबेल ने कहा है कि मैंने एक अज्ञात सोर्स से इस वीडियो को प्राप्त किया है. हालांकि, यूएस नेवी को इससे ज्यादा कुछ भी पता नहीं चल पाया. ये यूएफओ कहां से आये थे और कहां चले गये, इसको लेकर यूएस नेवी कुछ भी जान नहीं पाई है. कॉरबेल ने मिस्ट्री वायर वेबसाइट को बताया कि यूएसएस ओमाहा उन 9 वॉर शिप्स में से एक है, जिन्होंने जुलाई 2019 में यूएफओ को कैप्चर किया था.

कोरबेल ने अनुसार रडार की फुटेज कॉम्बैट इंफॉर्मेशन सेंटर के अंदर काम करने वाले एक व्यक्ति से मिली है. इसे ‘एक बहुत ही विशेष दृश्य खुफिया कर्मचारियों द्वारा फिल्माया गया था’ और रडार स्क्रीन को रिकॉर्ड किया गया था. कोरबेल ने उस फुटेज को देने से मना दिया, जिसमें रडार में एक साथ 14 इन यूएफओ को दिखाया गया था.

उन्होंने कहा कि रडार का वीडियो जारी करना उन अटकलों को खारिज करने के लिए था, जिसमें स्पष्ट रूप से उड़नतस्तरी दिखाने वाले प्रारंभिक फुटेज को अफवाह बताया जा रहा था. कहा ये जा रहा था, कि जो वस्तु रहस्यमयी तरीके से समुद्र के पानी में गायब हुई, वो पानी में गिरता हुआ गुब्बारा था. उन्होंने कहा कि वो एक पानी में गिरा गुब्बारा नहीं, बल्कि ऐसी चीज है, जिसे असानी से समझाया नहीं जा सकता है.

यूएस नेवी के लेफ्टिनेंट रॉयन ग्रेव्स ने 16 मई को अपने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि मैंने अपने साथियों के साथ यूएफओ को सैकड़ों बार देखा है, जो सुरक्षित किए गये एयर स्पेस के बीच 2015 से 2017 के बीच देखे गये हैं. पायलट ने ये तस्वीरें मार्च 2019 में कोस्ट ऑफ ओसियाना में ली थी, जिसमें तीनों यूएफओ पिरामिड के आकार के दिखाई दे रहे थे. पायलट ने दावा किया था कि जब वो इन उड़नतस्तरियों की तस्वीरें ले रहा था उस वक्त काफी तेज हवा चल रही थी, बावजूद इसके तीनों यूएफओ हवा में पूरी तरह से स्थिर थे और उनमें कोई हलचल नहीं हो रही थी.

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