गहने बेचकर उठाया खर्च, अब सरकार रखे ख्याल…. बेटी की उपलब्धि पर पिता का छलका दर्द

नई दिल्ली

भारतीय ताइक्वांडो खिलाड़ी अरुणा तंवर को तोक्यो पैरालिंपिक में वाइल्ड कार्ड के जरिए एंट्री मिल गई है। वह इसमें भाग लेने वाली पहली भारतीय ताइक्वांडो खिलाड़ी बन जाएंगी। बेटी सफलता पर पिता खुश हैं, लेकिन साथ ही उनका दर्द भी सामने आया है। उन्होंने उम्मीद की है कि सरकार अरुणा का साथ देगी और उसके सपनों को पूरा करने में मदद करेगी।

बेटी सफलता से गदगद अरुणा के पिता ने एएनआई से बताया कि अब तक का सफर अरुणा का गहने बेचकर और उधार पैसों से पूरा हुआ है। उन्होंने कहा- कोच और उसकी मेहनत रंग लाई। हमने बहुत सारी आर्थिक तंगी का सामना किया है लेकिन किसी तरह मैंने गहने बेचकर या पैसे उधार लेकर उसके खर्चों का प्रबंधन किया। मैं सरकार से हमारी मदद करने और उसके बारे में सोचने का आग्रह करता हूं।

अरुणा इस समय महिलाओं की अंडर 49 श्रेणी में दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी हैं। पांच बार की राष्ट्रीय चैम्पियन अरुणा पिछले चार साल में एशियाई पैरा ताइक्वांडो चैम्पियनशिप और विश्व पैरा ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में पदक जीत चुकी हैं। तोक्यो पैरालिंपिक 24 अगस्त से पांच सितंबर तक खेले जाएंगे।

दूसरी ओर, अरुणा तंवर ने मार्शल ऑर्ट को अपना पैशन बताते हुए कहा- मैं बचपन से मार्शल आर्ट की बहुत बड़ी प्रशंसक रही हूं। पहले मैं सामान्य वर्ग में खेलती थी, लेकिन मुझे वहां ज्यादा सफलता नहीं मिल रही थी। मुझे पैरा-ताइक्वांडो के बारे में पता चला और इसे खेलना शुरू कर दिया।

वह कहती हैं- मेरे माता-पिता ने मेरा साथ दिया। वे हर राष्ट्रीय टूर्नामेंट में मेरे साथ थे। मां और पिता दोनों ने मुझ पर विश्वास किया और मैंने अब तक जो कुछ भी हासिल किया है वह उन्हीं की वजह से है। पैरालिंपिक में पदक जीतने और उन्हें गौरवान्वित करने की कोशिश करूंगी।

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