UP से बिहार, बंगाल से राजस्‍थान…. 24 घंटे में अचानक कैसे बढ़ती गई सियासी हलचल

नई दिल्ली

यूपी बीजेपी में अंदरूनी कलह का निपटारा किसी तरह हुआ ही था कि बंगाल से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 2017 से टीएमसी के दिग्गजों को तोड़कर बीजेपी में लाने वाले मुकुल रॉय ने घर वापसी कर ली है। वहीं, बिहार में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन के मौके पर उनके सुपुत्र तेज प्रताप यादव के नीतीश के सहयोगी जीतनराम मांझी से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं तो राजस्थान में बीजेपी के पोस्टर से वसुंधरा राजे की तस्वीर गायब होने से हलचल तेज है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इन राज्‍यों में चल रही उथलपुथल बीजेपी के लिए क्‍या इशारा कर रही है? एक साथ इन चार राज्‍यों में बढ़ी सियासी गर्मी से बीजेपी नेता भी चौकन्‍ने हो गए हैं।

दरअसल राजनीति में कुछ भी परमानेंट नहीं होता, इस बात अंदाजा मौजूदा दौर को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। जिस तरह एक बाद एक नेता पार्टी बदल रहे हैं, उससे साफ मालूम पड़ता है की देश के कई राज्यों के सियासी गलियारों में उठापठक होनी शुरू हो चुकी है। इस उठापठक ने बीजेपी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

एक बार फिर मुकुल रॉय ने थामा TMC का दामन
सबसे पहले बात करते हैं पश्चिम बंगाल की जहां ममता के पुराने सिपाहसलार मुकुल रॉय की एक बार फिर से शुक्रवार को घरवापसी हो गई है। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाली तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी को बड़ा झटका दिया। दरअसल तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर उसी का दांव आजमाया है। TMC ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तृणमूल का झंडा छोड़कर भगवा लहर में बहे सुवेंदु अधिकारी के मामले में बदला ले लिया है। टीएमसी ने बीजेपी के अंदाज में काम करते हुए बीजेपी का दामन थामने वाले मुकुल रॉय की घर वापसी करा ली है।

UP में भी संगठन और सरकार के बीच चल रही रस्साकशी!
कहते हैं दिल्ली तक का रास्ता यूपी से होकर जाता है लेकिन मौजूदा समय में यूपी में बढ़ते सियासी अटकलें बिना कुछ कहे ही बड़े फेरबदल की ओर इशारा कर रही है। दरअसल उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खेमे बढ़ती राजनीतिक गतिविधियां प्रदेश में अब आगामी विधानसभी चुनावों के लिए माहौल तैयार करती दिख रही हैं।लगातार संगठन और प्रदेश के नेतृत्व का दिल्ली टू लखनऊ और लखनऊ टू दिल्ली का सफर जारी है। अभी सिर्फ कयासों का बाजार ही गर्म है लेकिन सभी जानते हैं कि सीएम योगी का दिल्ली दौरा केवल शिष्टाचार भेंट नहीं बल्कि इससे कहीं ज्यादा है। सीएम योगी के दिल्ली कूच से बीजेपी के प्रदेश संगठन और सरकार में फेरबदल की आहट एक बार तेज हो गई है।

बिहार में ‘एक मुलाकात’ ने बढ़ा दिया सियासी पारा
वहीं राजनीति के दूसरे बड़े केंद्र बिहार में भी ‘एक मुलाकात’ ने ही कई अटकलों को जन्म दे दिया है। ये मुलाकात लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप की अचानक NDA खेमे के जीतन राम मांझी से हुई। तकरीबन 30 साल से सत्ता के साथ रहनेवाले जीतन राम मांझी ने आजकल अपनी ऐक्टिविटी बढ़ा दी है। शुक्रवार को तेजप्रताप यादव ने उनके घर जाकर मुलकात की। बंद कमरे में दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। जीतन राम मांझी ने लालू यादव से भी फोन पर बात की। हालांकि बातचीत का डिटेल दोनों ने मीडिया से शेयर नहीं किया। सत्ता की गुणा-गणित में नीतीश सरकार के लिए जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी दोनों जरूरी हैं। कुछ दिन पहले मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया था। वहीं, एक एमएलसी सीट और कैबिनेट में मंत्री पद नहीं मिलने पर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जता चुके हैं।

राजस्थान में BJP के पोस्टर-होर्डिंग से गायब वसुंधरा की तस्वीर
वहीं राजस्थान का सियासी पारा भी चढ़ा हुआ है। दरअसल राज्य में बीजेपी के कार्यालय पर लगे नए पोस्टर और होर्डिंग से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तस्वीर गायब है। इस बदलाव से पार्टी के अंदर खलबली मच गयी है।क्या कारण है कि दो बार की मुख्यमंत्री, बीजेपी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अपने दम पर पार्टी को 2013 में सबसे बड़ी जीत दिलाने वाली वसुंधरा राजे को पार्टी ने पोस्टरों तक से हटा दिया है? क्या बीजेपी की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे को साइडलाइन करने की तैयारियां चल रही हैं। वजह चाहे जो हो बीजेपी कार्यालय पर ताजा होर्डिंग विवाद को कुछ लोग बदले माहौल के साथ जोड़कर देख रहे हैं।

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