भेल के सीडीसी विभाग ने बजट से ज्यादा में खरीद लिया पाइनवुड

केटीयू ने की सीवीओ से जांच की मांग

भोपाल।

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भेल भोपाल यूनिट में सामान खरीदी का मामला प्रकाश में आया है। कुछ विभाग के अफसरों ने अपने चहेते सप्लायरोंं को फायदा पहुंचाने के लिए करोड़ों की खरीदी के टेंडर में सिर्फ तीन सप्लायर ही बुलाने की जरूरत समझी। जाहिर है कि इस टेंडर के माध्यम से यह तीनों सप्लायरों को ही फायदा पहुंचेगा। एल-1, एल-2 और एल-3 सप्लायर बनकर यह काम आसानी से ले लेंगे। सूत्र बताते हैं कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अप्रूवल के लिए यह फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी गयी है। संभवत: यह मामला सप्लायरों के पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है।

सीडीसी और एमएम विभाग में इस टेंडर को लेकर काफी चर्चाएं हैं। इंक्वायरी नंबर जीईएम/2021/जी/पी-1021330/पाइनवुडलूज/स्मॉल के माध्यम से टेंडर जारी किये थे। इसमें महज तीन सप्लायर ही पार्टी के रू प में शामिल हुए। यह मटेरियल विदेश से आता है और गुजरात की कंपनियां इसकी सप्लाई भेल जैसी महारत् न कंपनी को करती चली आई हैं।

सूत्र बताते हैं कि जब सीडीसी विभाग में खरीदी का बजट ही कम है तो 25 फीसदी ज्यादा में इस मटेरियल को कैसे खरीदा जा रहा है। आंशका यह जाहिर की जा रही है कि इस टेंडर में तीन से ज्यादा सप्लायरों को भाग लेना चाहिए था लेकिन सिर्फ तीन सप्लायरों ने ही भाग लिया है। इसके पीछे क्या है यह तो विभाग के अफसर ही जाने।

मजेदार बात यह है कि जो अधिकारी इस टेंडर में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं वह मटेरियल मेनेजमेंट और सीडीसी दोनों विभागों का काम एक साथ देख रहे हैं। ऐसे में मामला कुछ गंभीर अनियमितताओं भरा दिखाई दे रहा है। भेल कर्मचारी ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष आरएस ठाकुर ने इस मामले की जांच सीवीओ से कराने की मांग करते हुए कहा कि जब कंपनी आर्थिक संकट से जूझ रही तो ऐसे में विभाग ने यह काम बजट से 25 फीसदी ज्यादा में क्यों दिया गया है और इसके पीछे संबंधित विभागों के अफसर की मंशा क्या है।

एफसीएक्स विभाग का ठेके दार नहीं जमा कर रहा है मजदूरों की पीएफ की राशि
यूं तो भेल कारखाने में मजदूरों को समय पर वेतन न देने की बात आम हो गई है लेकिन पीएफ की राशि समय पर जमा न करना गंभीर मुद्दा है। सूत्रों की माने तो कारखाने की रेल की पटरियों के आसपास घाट कटाई और मिट्टी उठाने का काम जिस ठेकेदार को दिया गया है वह करीब एक साल से ज्यादा का समय गुजर जाने के बाद भी जमा नहीं कर रहा है। मजदूर संबंधित सीएलसी विभाग और ठेकेदार से इस राशि को जमा करने की मांग कर रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

कोरोना की वैक्सीन लगाओ तब मिलेगा वेतन
इन दिनों भेल प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कर्मचारियों से कहा है कि वह कोरोना वैक्सीन लगवाए तब ही उन्हें वेतन मिलेगा। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि वैक्सीन नहीं लगवाई तो उनका कार्ड भी ब्लॉक कर दिया जायेगा। हालांकि भेल की यह नीति कर्मचारियों के पक्ष में है लेकिन कुछ कर्मचारियों को नागवार गुजर रहा है।


इंटक ने किया कैंटीन का निरीक्षण
भेल भोपाल में भेल कर्मचारियों को कैंटीन सुविधा सही नहीं दी जा रही है। कुछ महीनों बाद कैंटीन धीरे धीरे चालू की गई लेकि न पहले जैसी सुविधा नहीं दे पाये। इंटक यूनियन के पदाधिकारी राजेश शुक्ला, मिथिलेश तिवारी, टीआर बाटक्या, सुरेश मेहरा सोमवार की सुबह 7 बजे से ही कैंटीन क्रमांक 1 में पहुंचकर सम्पूर्ण व्यवस्था का जायजा लिया। कैंटीन निरीक्षण के दौरान चाय की गुणवत्ता, समय पर नाश्ता का ब्लॉकों में पहुंचना, नाश्ते की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता, साफ-सफ ाई का पूरा ध्यान आदि कई विषयों पर चर्चा भी की गई।

About bheldn

Check Also

भेल कॉलेज में लगेगी पूर्व मुख्यमंत्री गौर की प्रतिमा, एसडीएम ने किया निरीक्षण

भोपाल भेल के एक मात्र शासकीय भेल कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की प्रतिमा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *