LJP टूटी, अब Congress तोड़ने की क़वायद: बागियों के नेता पशुपति को मंत्री बना सकते हैं मोदी

पटना/नई दिल्ली

बिहार में चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में टूट के बाद अब कांग्रेस को तोड़ने की कवायद हो सकती है। खबर यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पशुपति कुमार पारस को मंत्री बना सकते हैं, जिन्हें लोजपा के बागी नेताओं ने अपना नेता चुना है।

लोजपा में दो फाड़ क्यों?: यह पासवान परिवार में पहली टूट है। पार्टी के पांच सांसदों (चौधरी महबूब अली कैसर, वीणा देवी, चंदन सिंह, चंदन सिंह और प्रिंस राज) ने पारस को नेता चुना और राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ संसदीय दल के नेता की जिम्मेदारी सौंप दी। वहीं, चिराग को सभी पदों से हटा दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भी इस बारे में खत भेजा गया। कहा जा रहा है कि यह टूट भाजपा और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू में चिराग पर तकरार को लेकर हुई है।

आगे और भी लग सकते हैं झटकेः मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार यानी 14 जून को पार्टी में बदलाव की जानकारी चुनाव आयोग को भी सौंपी जाएगी। इसी बीच, बताया गया कि सूबे के अधिकांश लोजपा पदाधिकारी चिराग के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं। वैसे, पहले ही कई पार्टी नेता जेडीयू में जा चुके हैं। हालांकि, चिराग की ओर से मान-मनव्वल का दौर चला, पर उनकी कोशिशें कुछ खास काम आती नहीं नजर आ रहीं।

“कांग्रेसी संपर्क में, जब चाहें तब तोड़ लें…”: वरिष्ठ BJP नेता अमरेंद्र प्रताप सिंह ने दावा किया है कि कई कांग्रेसी विधायक उनके संपर्क में हैं। वे जब चाहें, तब उन्हें तोड़ लें। हालांकि, उनका कहना है कि वे दल-बदल में भरोसा नहीं करते हैं, पर अच्छे लोग अगर उनके साथ आना चाहते हैं, तो वे आ सकते हैं। एनडीए एकजुट हैं, जबकि महागठबंधन सिर्फ बयानबाजी देकर माहौल (एनडीए में टूट की बात कहकर) बना रहा है। इसी बीच, सूत्रों ने बताया कि कुछ जेडीयू नेताओं का कहना है कि आने वाले समय में बिहार कांग्रेस में टूट-फूट होने की बात भी आम हो सकती है।

मोदी से मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारीः केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार के कयास के बीच पारस को केंद्र में मंत्री पद दिया जा सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पिछले आम चुनाव (2019 के) में मोदी ने फॉर्म्युला दिया था कि घटक दलों को मंत्रिपरिषद में एक-एक सीट मिलेगी। हालांकि, जेडीयू को तब शामिल नहीं किया गया था, जिसके पास 16 सांसद थे, जबकि पार्टी की ओर से कम से कम दो सीटों की मांग रखी गई थी। पर लोजपा से तब चिराग के पिता रामविलास को मंत्री बनाया गया था और तब उनकी पार्टी के छह सांसद थे। रामविलास के देहांत के बाद से उनका खोटा खाली ही है।

JDU भी चौका मारने के इंतजार मेंः बीजेपी के सुशील कुमार मोदी को कैबिनेट में जगह मिलना पक्का समझा जा रहा है, जबकि JDU भी हिस्सेदारी पर दावा ठोक चुकी है। चर्चा है कि सीएम नीतीश कुर्मी और कोइरी कार्ड चल सकते हैं। राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह (कुर्मी समाज से) को कैबिनेट व संतोष कुशावाहा (कुशावाहा जाति के) को राज्यमंत्री के नाते भेजने पर विचार विमर्श हो रहा है। अटकल है कि मंत्रिमंडल में इस बार यादव चेहरे के तौर पर लालू के सहयोगी रहे रामकृपाल यादव फिर से भेजे जा सकते हैं। दरअसल, लालू के जेल से बाहर आने के बाद से एनडीए सुपर ऐक्टिव मोड में नजर आ रहा है। हर हाल में वह चाहता है कि महागठबंधन मजबूत न होने पाए।

कौन हैं पशुपति पारस?: पारस, दिवंगत रामविलास पासवान के छोटे भाई हैं। साथ ही लोजपा में मौजूदा समय में सबसे सीनियर नेता हैं। जानकारों की मानें, तो वह संगठन में सबको साथ लेकर चलने की क्षमता रखते हैं। वह अगर नेता होंगे, तब बाकी सांसद असहज नहीं महसूस करेंगे।

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