ताइवान की सीमा में फिर घुसा चीन, 26 लड़ाकू विमान भेज मचाई खलबली

नई दिल्ली

चीन अपने ‘वन कंट्री, वन सिस्टम’ नीति को लेकर ज्यादा मुखर होता जा रहा है। चीनी एयरफोर्स के करीब 28 एयरक्राफ्ट मंगलवार को ताइवान के एयर डिफेंस आइडेन्टिफिकेशन जोन (AIDC)में घुस आए। ताइवान ने चीन के घुसपैठ का विरोध किया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि चीन ने मंगलवार को स्वशासित द्वीप ताइवान की तरफ 28 लड़ाकू विमान भेजे।

मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि पिछले साल से बीजिंग के लड़ाकू विमान लगभग रोजाना ताइवान की तरफ उड़ान भर रहे हैं और मंगलवार को अब तक सबसे अधिक संख्या में एक ही दिन में ऐसे विमानों ने द्वीप की तरफ उड़ान भरी। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ताइवान की वायु सेना ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए अपने लड़ाकू वायु दस्ते को तैनात किया और अपनी वायु रक्षा प्रणाली के जरिए द्वीप के दक्षिण-पश्चिम भाग में निगरानी बढ़ाई।

उन्होंने कहा कि ताइवान की तरफ आए विमानों में 14 जे-16 और छह जे-11 लड़ाकू विमान शामिल रहे। यहां, याद दिला दें कि जी-7 समूह देशों के नेताओं ने रविवार को बयान जारी कर ताइवान जलडमरूमध्य मुद्दे को शांतिपूर्व सुलझाने का आह्वान किया था, जिसके बाद चीन ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है।चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मंगलवार को कहा कि जी-7 समूह जानबूझकर चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है।

बता दें कि चीन पहले भी ताइवान की सीमा में इस तरह से घुसपैठ करता रहा है। चीन कहता आया है कि ऐसा करना देश की अखंडता को बचाने के लिए जरुरी है। इसके साथ ही ताइवान और यूनाइटेड स्टेट की आपसी मिलीभगत से डील करने के लिए भी चीन अपने कदम को सही और जरुरी बताता आया है। चीन अपने वन चाइना पॉलिसी के तहत ताइवान को बीजिंग का हिस्सा मानता है। इसी साल 12 अप्रैल को चीन ने 25 एयरक्राफ्ट ताइवान के वायु क्षेत्र में भेजे थे। बीते रविवार को ही सात अहम प्रजातांत्रिक देशों ने ताइवान में शांति और स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया था। इन देशों ने ईस्ट और साउथ चाइना सी के मौजूदा हालात पर भी गंभीरता से चर्चा की थी।

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