फरीदाबाद: जुनैद की मौत के बाद SHO, SI, ASI समेत 12 पुलिसवालों पर केस

फरीदाबाद:

फरीदाबाद में जुनैद नाम के एक युवक की मौत के बाद SHO, SI, ASI समेत 12 पुलिसवालों पर केस दर्ज किया गया है। जुनैद के परिजनों का आरोप है कि पुलिस कस्टडी में जुनैद की बुरी तरह से पिटाई की गई जिसके बाद उनकी मौत हुई है। जिन पुलिसवालों पर केस दर्ज किया गया है उनमें स्टेशन हाउस ऑफिसर, दो सब-इंस्पेक्टर, दो सहायक सब-इंस्पेक्टर और दो 2 हेड कॉन्स्टेबल के अलावा साइबर क्राइम पुलिस से जुड़े 5 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

नूह पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में जुनैद के परिवार वालों का कहना है कि 31 मई की पूरी रात जुनैद पुलिस की हिरासत में रहा। 1 जून को रिहा करने से पहले उसकी बुरी तरह से रात भर पिटाई की गई थी। परिजनों का यह भी कहना है कि 1 जून को जब जुनैद घर वापस आया तब उसके शरीर पर जख्म के कई निशान मौजूद थे। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक जुनैद को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

लेकिन जब जुनैद की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तब 11 जून को उन्हें होडल स्थित किसी अन्य अस्पताल में ले जाने का फैसला किया गया। अस्पताल जाते वक्त रास्ते में जुनैद ने दम तोड़ दिया। परिजनों की शिकायत के बाद नूह पुलिस ने रविवार को इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धार 304, 324 और 34 के तहत 12 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कर लिया। इस मामले में पुनहना के उप पुलिस अधीक्षक, शमशेर सिंह ने कहा है कि मृतक युवक का बिसरा लैब में जांच के लिए भेजा गया है ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।

हालांकि, इस मामले में फरीदाबाद पुलिस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार कर दिया है। पुलिस ने युवक को पुलिस कस्टडी में प्रताड़ित किये जाने की बात को गलत बताया है। पुलिस के मुताबिक जुनैद के साथ 5 अन्य लोगों को पैसों की धोखाधड़ी के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इनमें से एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद जुनैद समेत अन्य लोगों को रिहा कर दिया गया था।

इधर परिजनों का कहना है कि 31 मई की शाम को जुनैद तथा पांच अन्य लोग एक शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिसकर्मियों ने इन लोगों को रास्ते में रोका था और इन्हें पुलिस थाने में ले जाया गया था। यहां इनकी बुरी तरीके से पिटाई की गई थी। यह भी आरोप है कि जब 1 जून को जुनैद के भाई जुनैद को छुड़वाने के लिए थाने पहुंचे थे तब उन्हें कई सादे कागजों पर हस्ताक्षर करना पड़ा था।

इस मामले में शनिवार को जुनैद के परिजन और गांववालों ने जुनैद के गांव बिछौर के पास प्रदर्शन भी किया था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसवालों पर पत्थर भी फेंके गए थे और पुलिस की एक गाड़ी को नुकसान भी पहुंचाया गया था।

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