भेल की बेशकीमती जमीन पर भू-माफिया काट रहे चांदी, भाजपा-कांग्रेस के नेताओं के जुड़े हैं तार

कभी भी गिर सकती हैं गाज, भेल नगर निगम और जिला प्रशासन का ले सकता है साथ

भोपाल

भेल उद्योग नगरी में करीब दो हजार एकड़ जमीन अतिशेष पड़ी हैं। भेल प्रशासन अतिक्रमण विरोधी अमले की कमी के चलते जगह-जगह हो रहे अतिक्रमण को हटाने में असहाय महसूस कर रहा है उसे जिला, पुलिस और नगर निगम का साथ मिल जाये तो ही अतिक्रमणकारियों पर हाथ डाला जा सकता है।

सूत्र बताते हैं कि खास तौर पर उद्योग नगरी की सबसे बड़ी बस्ती अन्ना नगर में एक पूर्व पार्षद और कांग्रेस के चंद नेताओं के इशारे पर भू-माफिया चांदी काट रहे हैं। यहां सिर्फ अवैध झुग्गियों के खरीद फरोख्त का कारोबार ही नहीं चल रहा है बल्कि अवैध रूप से नयी-नयी पक्की दुकानें भी बनती जा रही हैं। कुछ नेताओं ने तो कई दुकानों का निर्माण कर किराये पर चलाने का गोरखधंधा शुरू कर दिया है। ऐसा भी नहीं कि इस प नजर भेल नगर प्रशासन की न हो लेकिेन जिला प्रशासन के बिना सहयोग के इस अतिक्रमण को हटाना मुश्किल काम हो गया है उस पर क्षेत्र के चंद नेता अपनी राजनीति का दबाव भी भेल प्रशासन पर बनाए हुए हैं।

आईएसबीटी तिराहे से लेकर कैरियर कॉलेज तक बनी वीआईपी रोड़ पर न सिर्फ कबाड़े की दुकान देंखी जा सकती है बल्कि इसी मार्ग पर दो पहिया, चार पहिया वाहन सुधारने वाले मैकेनिक भी बेखौफ कब्जा जमाए बैठे हैं। ऐसा लगता है कि इन्हें भेल प्रशासन का कोई डर ही नहीं है।

साथ ही रातों रात हो रहा झुग्गियों का अवैध निर्माण भेल प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन सकता है, लेकिन भेल नगर प्रशासन का अमला असहाय बना हुआ है। इसी तरह जम्बूरी मैदान से लगी शिवनगर बस्ती का दायरा भी फैलता जा रहा है। गौरतलब है कि उद्योगनगरी की सबसे पुरानी उक्त बस्ती में करीब सैकड़ों झुग्गियां हैं जिनको हटाना भेल प्रबंधन ही नहीं बल्कि प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर है। यही नहीं यहां अवैध रूप से लाखों रुपए की भेल की बिजली का चोरी से उपयोग हो रहा है।

बात की जाये अकेले पिपलानी बी सेक्टर की तो यहां भी झुग्गियों की खरीद फरोख्त का कारोबार खुलेआम हो रहा है। यूं तो भेल प्रशासन इन अतिक्रमण को लेकर परेशान हैं इस संबंध में वह जिला और पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम से भी संपर्क बनाए हुए हैं। यदि इनका सहयोग नगर प्रशासनप विभाग को मिल गया तो समझो कभी भी अतिक्र मणकारियों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही हो सकती है।

ट्रांसपोर्ट नगर बना
भेल उद्योगनगरी का गोविन्दपुरा स्थित टीआरटी मैदान और रायसेन रोड स्थित जम्बूरी मैदान मिनी ट्रांसपोर्ट नगर का रूप लेता जा रहा है। भेल का नगर प्रशासन विभाग लाखों रुपए खर्च कर जेसीबी मशीन से गड्ढड्ढे खोदकर अवैध ट्रांसपोर्ट नगर रोकने की भरसक कोशिश कर चुका है लेकिन उनकी यह योजना कारगर साबित नहीं हुई और आज भी भारी वाहन यहां खड़े देखे जा सकते हैं जिन पर जुर्माना करने का साहस नगर प्रशासन विभाग नहीं दिखा पा रहा है।

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